हैदराबाद: एक बड़ी कार्रवाई के तहत, मलकाजगिरी की स्पेशल ऑपरेशंस टीम (SOT) और लॉ एंड ऑर्डर पुलिस ने बेगमपेट, एर्रागड्डा, सरूरनगर और गोपालपुरम में छापेमारी करके 43 महिलाओं को बचाया और नौ लोगों को गिरफ्तार किया।
पुलिस कमिश्नर बी. सुमति ने बताया कि अलग-अलग राज्यों से लाई गई इन महिलाओं को हर 'एग डोनेशन' (अंडाणु दान) के बदले 30,000 रुपये तक देने का लालच दिया गया था। फर्टिलिटी प्रक्रियाओं के लिए भेजे जाने से पहले इन्हें किराए के मकानों में रखा जाता था।
बेगमपेट और सरूरनगर से आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि सरूरनगर से व्यवसायी एमिरिशेट्टी दुर्गा प्रसाद को पकड़ा गया। आरोपियों में बेगमपेट के प्रकाश नगर का मुख्य आयोजक अमित शर्मा भी शामिल है, जो दो साल से यह रैकेट चला रहा था और इसके लिए हर महीने 50,000 रुपये किराया देता था।
गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में पश्चिम बंगाल से महिलाओं को लाने वाली निक्कत परवीन; एजेंट रेशमा खातून; समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) मेघावत श्रीनिवास; ART मैनेजर जेप्रे प्रदीप; एसके. परवीन (जिसकी भूमिका की जांच चल रही है); दस्तावेजों का काम देखने वाले विजय भागवाह राव सालुंके; और बिचौलिये पंकज सोनी (52) शामिल हैं।
छापेमारी के दौरान दस्तावेज, मोबाइल, इंजेक्शन की शीशियां, सिरिंज, सुइयां और गोलियां जब्त की गईं। जांचकर्ता इस बात का पता लगा रहे हैं कि क्या महिलाओं से 'एग रिट्रीवल' (अंडाणु निकालने) की प्रक्रिया के लिए उन्हें हार्मोनल दवाएं दी गई थीं।
शुरुआती जांच से पता चला है कि रैकेट चलाने वालों ने पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को निशाना बनाया था और उन्हें हर साइकिल के बदले 20,000 से 30,000 रुपये देने का वादा किया था। पुलिस महिलाओं की मेडिकल हिस्ट्री, उन्हें किस तरह लाया गया, उनकी सहमति, और फर्टिलिटी सेंटर्स व ART बैंकों के साथ उनके संबंधों की जांच कर रही है। फर्जी आधार कार्ड, हलफनामे और वित्तीय लेन-देन के मामलों की भी छानबीन की जा रही है।
भारतीय न्याय संहिता, 2023 और असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 के तहत तीन मामले दर्ज किए गए हैं — एक बेगमपेट में और दो सरूरनगर में।
इस ऑपरेशन की निगरानी कमिश्नर सुमति ने की, जिसमें एलबी नगर और मलकाजगिरी जोन के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे रोजगार या प्रजनन सेवाओं के नाम पर महिलाओं की संदिग्ध भर्ती या उन्हें ठहराने के मामलों की सूचना दें।
बचाई गई महिलाओं की पहचान और परिस्थितियों की पुष्टि की जा रही है। साथ ही, संयुक्त टीमें इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या ये कथित गतिविधियां निर्धारित चिकित्सा और कानूनी सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करके की गई थीं।