Telangana: अपशिष्ट डिब्बों से संगीत, युवा हाथों में रोबोट, पृथ्वी से परे एक यात्रा
वारंगल: सॉफ्ट-ड्रिंक के बेकार डिब्बों से बना संगीत, स्कूली बच्चों के हाथों में छोटे-छोटे रोबोट, और पृथ्वी से परे अंतरिक्ष की यात्रा का एक अद्भुत अनुभव!
NIT वारंगल में आयोजित 'टेक्नेक्सियन-2026' (Technexion-2026) में रचनात्मकता, तकनीक और अंतरिक्ष विज्ञान का मेल देखने को मिल रहा है, जो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। छात्रों द्वारा बनाए गए ऐसे आविष्कार, जो कक्षा की पढ़ाई को व्यावहारिक प्रयोगों में बदल देते हैं, यहाँ मुख्य आकर्षण बने हुए हैं।
सॉफ्ट-ड्रिंक के खाली डिब्बों से बना 'सोडा कैन पियानो' लोगों को हैरान कर रहा है। उदय, निशिथा, लास्या, गायत्री, कीर्तना, विवेक और कार्तिकेय द्वारा तैयार किया गया यह वाद्ययंत्र दिखाता है कि कैसे बेकार पड़ी चीजों का इस्तेमाल करके संगीत की धुनें निकाली जा सकती हैं।
इसके अलावा, 'क्रिएटिव रोबोटिक्स' के मार्गदर्शन में लगभग 50 स्कूली बच्चों द्वारा बनाए गए करीब 30 रोबोटिक मॉडल भी यहाँ प्रदर्शित किए गए हैं। 'पिक-एंड-ड्रॉप' रोबोट, रोबोट कुत्ता, पेंसिल डिस्पेंसर, 'गोल्फी' गेम और क्रिकेट बॉल फेंकने वाली मशीन जैसे मॉडल इन युवा प्रतिभागियों के तकनीकी कौशल को दर्शाते हैं।
'ATDRL स्पेस रिसर्च लैब' द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी अंतरिक्ष में रुचि रखने वालों को एक दूसरी ही दुनिया में ले जाती है। यहाँ ISRO के रॉकेट और उपग्रहों के मॉडल के साथ-साथ, भविष्य में चंद्रमा और मंगल ग्रह पर इंसानों के रहने के लिए बस्तियाँ बनाने की परिकल्पना को भी दिखाया गया है। संस्था के संस्थापक और आर्किटेक्ट शशांक भूपति, 'स्पेस आर्किटेक्चर एंड एक्स्ट्राटेरेस्ट्रियल हैबिटेशन्स' (अंतरिक्ष वास्तुकला और पृथ्वी के बाहर मानव आवास) विषय पर एक कार्यशाला भी आयोजित कर रहे हैं।
एक और मुख्य आकर्षण 'बियॉन्ड अर्थ' (Beyond Earth) नाम का एक विशेष अनुभव है। यह लोगों को अंतरिक्ष यात्रियों की तरह अंतरिक्ष की यात्रा करने का अहसास कराता है, जहाँ से वे पृथ्वी, चंद्रमा और मिल्की वे (आकाशगंगा) को बहुत करीब से देख सकते हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा और ड्रोन तकनीक जैसी गतिविधियों के जरिए, 'टेक्नेक्सियन' छात्रों को अपने विचारों और रचनात्मकता को तलाशने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। यहाँ प्रदर्शित चीजें दिखाती हैं कि कैसे छोटे-छोटे विचार भविष्य में बड़े नवाचारों (इनोवेशन) की नींव रख सकते हैं।