वारंगल: वारंगल ट्रैफिक पुलिस ने गाड़ियों में लगे मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, क्योंकि इनसे शोर-शराबा होता है और लोगों को परेशानी होती है। गुरुवार को पोचम्मा मैदान सर्कल में गाड़ियों से ज़ब्त किए गए लगभग 350 साइलेंसर को रोड रोलर से कुचलकर नष्ट कर दिया गया।

यह अभियान पुलिस कमिश्नर एन. श्वेता (IPS) के निर्देश पर और ट्रैफिक एडिशनल DCP रायला प्रभाकर राव की देखरेख में चलाया गया। इस कार्यक्रम में ट्रैफिक ACP टी. सत्यनारायण, इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मी शामिल हुए।

ट्रैफिक पुलिस ने गाड़ियों की जांच के दौरान ये साइलेंसर ज़ब्त किए थे, क्योंकि पाया गया कि ज़्यादा शोर करने के लिए तय मानकों का उल्लंघन करते हुए उनमें बदलाव (मॉडिफिकेशन) किया गया था। बाद में ज़ब्त किए गए साइलेंसर को रोड रोलर से नष्ट कर दिया गया।

इस मौके पर प्रभाकर राव ने कहा कि मॉडिफाइड साइलेंसर के इस्तेमाल से बहुत ज़्यादा शोर-शराबा होता है और लोगों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे शोर से छात्र, बुज़ुर्ग और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोग खास तौर पर प्रभावित होते हैं।

उन्होंने वाहन चालकों को सलाह दी कि वे सिर्फ़ गाड़ी बनाने वाली कंपनियों द्वारा लगाए गए ओरिजिनल साइलेंसर का ही इस्तेमाल करें और चेतावनी दी कि जो लोग ज़्यादा शोर करने के लिए साइलेंसर में बदलाव करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस मौके पर ट्रैफिक ACP टी. सत्यनारायण, सुजाता समेत अन्य इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मी मौजूद थे।

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