करीमनगर: जिला कलेक्टर चित्रा मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे करीमनगर को नशा और गांजा मुक्त जिला बनाने के लिए आपसी तालमेल के साथ काम करें।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे शिक्षण संस्थानों, मेडिकल दुकानों और बस स्टैंड के आसपास निगरानी बढ़ाएं, और नशीले पदार्थों व गांजे की सप्लाई और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

कलेक्टर ने छात्रों और युवाओं के बीच नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को गांजा मिली चॉकलेट की बिक्री रोकने के लिए भी कदम उठाने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि जो लोग नशे की लत के शिकार हैं, उन्हें इलाज कराने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे लोगों को नशे की लत से बाहर निकालने के लिए काउंसलिंग और जरूरी मदद दी जानी चाहिए।

कलेक्टर ने अधिकारियों को सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने और दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों पर मरम्मत का काम कराने का भी निर्देश दिया।

उन्होंने सड़क पर गड्ढों, पाइपलाइन से पानी के रिसाव और ट्रैफिक जैसी समस्याओं को हल करने के लिए सभी विभागों से मिलकर काम करने को कहा।

इसके अलावा, कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा नियमों, 'पीएम राहत' योजना और सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के लिए कैशलेस इलाज के बारे में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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