हैदराबाद: ईगल फोर्स ने दो महीने की जांच के बाद सात लोगों को गिरफ्तार करके ड्रग्स बनाने और उनकी तस्करी करने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के साथ-साथ कोंडामाडुगु स्थित 'वेटुकुरी लैब्स' और मौला अली स्थित 'एसएम लैब्स' में चल रही गुप्त प्रयोगशालाओं का पता चला है।

ईगल फोर्स के निदेशक संदीप शांडिल्य ने 'डेक्कन क्रॉनिकल' को बताया कि इस मामले की शुरुआत 8 अगस्त को हुई, जब बिबीनगर पुलिस ने कोंडामाडुगु से नागपुर जा रही एक एसयूवी को रोका। पुलिस ने गाड़ी से 27.2 किलोग्राम मेफेड्रोन और 56.98 किलोग्राम एसीटोन जब्त किया और तीन लोगों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।

सात टीमों ने इस मामले की जांच की और पाया कि आरोपियों ने कथित तौर पर 'वेटुकुरी लैब्स' में मेफेड्रोन बनाया था। इसके अलावा, वे महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के तिरोडा तालुका में मारेगांव गांव के एक पोल्ट्री फार्म में भी गुप्त रूप से ड्रग्स बनाने का काम कर रहे थे।

शांडिल्य ने बताया, "17 अक्टूबर को हमारी टीमों ने छापेमारी के दौरान ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरण जब्त किए। हमें कुछ अहम रसायन भी मिले, जिनमें खतरनाक 'प्रोपियोनिल क्लोराइड' शामिल है, जिसे गुजरात से मंगाया गया था।" जांच टीमों को यह भी पता चला कि यह गिरोह मौला अली स्थित 'एसएम लैब्स' में अल्प्राजोलम और एफेड्रिन भी बना रहा था।

उन्होंने बताया कि ईगल फोर्स ने कुछ और टीमें गठित करके जांच का दायरा बढ़ाया और महाराष्ट्र, राजस्थान तथा मध्य प्रदेश में कई जगहों पर छापेमारी की। जांच में सामने आया कि इन ड्रग्स को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेजा जा रहा था। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। गिरफ्तार किए गए लोगों में मुख्य संचालक चेतन मधुकर मेश्राम, केमिकल सप्लायर जयराज कृष्णा शेट्टी और 'वेटुकुरी लैब्स' के मालिक राकेश वर्मा शामिल हैं।

Tags: