हैदराबाद: हाई-टेक सिटी और बायोडायवर्सिटी इलाकों में सुबह और शाम के पीक-ऑवर (व्यस्त समय) के दौरान लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम का स्थायी समाधान निकालने के लिए, साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस, 'सोसायटी फॉर साइबराबाद सिक्योरिटी काउंसिल' (SCSC) के साथ मिलकर एक व्यापक ट्रैफिक प्रबंधन योजना तैयार कर रही है।

इस पहल के तहत एक निरंतर 'वन-वे लूप' (एकतरफा लूप) सिस्टम बनाने पर विचार किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य उन चार प्रमुख बाधा वाले जंक्शनों (bottleneck junctions) को पूरी तरह खत्म करना है, जहाँ अक्सर वाहनों की आवाजाही में रुकावट आती है।

प्रस्तावित योजना के अनुसार, एक सिंगल कंटीन्यूअस लूप कॉरिडोर बनाया जाएगा। यह बायोडायवर्सिटी जंक्शन से शुरू होकर IKEA रोटरी, रहेजा माइंडस्पेस (C-गेट), नॉलेज सिटी और डलास सेंटर से होते हुए आगे बढ़ेगा, फिर 'माई होम भूजा' (My Home Bhooja) के पास से दाईं ओर मुड़कर वापस बायोडायवर्सिटी जंक्शन से जुड़ जाएगा।

यह सिस्टम सड़क की पूरी चौड़ाई का बेहतर इस्तेमाल करेगा, जंक्शनों पर लगने वाले समय को कम करेगा और वाहनों की आवाजाही को सुचारू और निर्बाध बनाएगा।

इस प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता (feasibility) की जांच के लिए, साइबराबाद पुलिस कमिश्नर डॉ. एम. रमेश, संयुक्त पुलिस कमिश्नर (ट्रैफिक) सुनप्रीत सिंह, वरिष्ठ ट्रैफिक पुलिस अधिकारी और SCSC के CEO नवीद खान ने अपनी टीम के साथ प्रस्तावित रूट का मौके पर जाकर विस्तृत निरीक्षण किया।

निरीक्षण टीम ने मौजूदा सड़क ढांचे और जंक्शनों पर आने वाली चुनौतियों का बारीकी से जायजा लिया। आने वाले दिनों में, वाहनों की गति और ट्रैफिक के घनत्व (density) का आकलन करने के लिए विस्तृत 'ट्रैफिक सिमुलेशन ट्रायल' किए जाएंगे। साथ ही, IT कंपनियों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और स्थानीय हितधारकों (stakeholders) के साथ समन्वय बैठकें की जाएंगी ताकि उनसे सुझाव और इनपुट लिए जा सकें।

इस मौके पर बोलते हुए, रमेश ने कहा, "सभी हितधारकों के सुझावों और फीडबैक पर विचार करने तथा कार्य-योजना को अंतिम रूप देने के बाद ही, इस 'वन-वे लूप' सिस्टम को चरणों में लागू किया जाएगा। यात्रियों को सफर में कोई परेशानी न हो, इसके लिए समय रहते व्यापक ट्रैफिक एडवाइजरी और रूट डायवर्जन (रास्ता बदलने) से जुड़ी आधिकारिक जानकारी जारी कर दी जाएगी।"

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