हैदराबाद: तेलंगाना में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को हैदराबाद में ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने चुनाव आयोग की 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) प्रक्रिया के दौरान वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े और गिरफ़्तारी की मांग की।
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के आह्वान पर, तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय तक एक रैली निकाली।
इस विरोध प्रदर्शन में उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, TPCC अध्यक्ष महेश कुमार गौड़, मंत्री पोन्नम प्रभाकर और श्रीधर बाबू, सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी और अनिल कुमार यादव समेत कई नेताओं ने हिस्सा लिया।
बाद में वे CEO सी. सुदर्शन रेड्डी से मिले और एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांग की गई कि CEC तुरंत अपने पद से इस्तीफ़ा दें।
प्रदर्शनकारी नेकलेस रोड पर इंदिरा गांधी की प्रतिमा के पास इकट्ठा हुए और CEC तथा केंद्र में BJP सरकार के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की। उनके हाथों में 'वोट चोरी' और 'लोकतंत्र के दुश्मन' जैसे नारों वाले पोस्टर थे।
प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय के पास BRK भवन में CEO कार्यालय तक मार्च किया और चुनाव आयोग का पुतला फूंका।
उपमुख्यमंत्री विक्रमार्क, जिनके हाथ में भारतीय संविधान की एक प्रति थी, ने सभी लोकतांत्रिक ताकतों से कांग्रेस पार्टी के संघर्ष में शामिल होने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की बार-बार दी गई चेतावनी सच साबित हुई है कि देश भर में सालों से नागरिकों के वोटिंग अधिकारों को व्यवस्थित रूप से कुचलकर "वोट चोरी" की जा रही है।
उन्होंने इस बात पर गहरा दुख जताया कि दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने खुद स्वीकार किया है कि SIR की आड़ में नागरिकों के वोट किस तरह हटाए जा रहे हैं; उन्होंने इसे देश के लोकतंत्र के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम बताया।
उपमुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुरू से ही संविधान और नागरिकों के वोट देने के अधिकार की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब खुद चुनाव आयुक्तों को भी "वोट चोरी" के बारे में राहुल गांधी की बातों की सच्चाई माननी पड़ी है। उन्होंने कहा कि अगर वोट देने का अधिकार—जो लोकतंत्र की जान है—उसे ही कुचल दिया जाए, तो देश में लोकतंत्र की हालत क्या होगी?
उन्होंने लोकतंत्र और संविधान में यकीन रखने वाली सभी राजनीतिक पार्टियों से अपने मतभेद भुलाकर कांग्रेस के साथ आने की अपील की और उन लोगों की आलोचना की जो संविधान में भरोसा नहीं रखते और इस आंदोलन से दूर रहे।
भारतीय लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों में कांग्रेस पार्टी के अटूट भरोसे को दोहराते हुए, उन्होंने साफ किया कि यह संघर्ष तब तक नहीं रुकेगा जब तक हर नागरिक को वोट देने का अधिकार नहीं मिल जाता।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए महेश कुमार गौड़ ने कहा कि भारत का चुनाव आयोग, जो एक स्वतंत्र संस्था है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों की कठपुतली बन गया है। उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद से ऐसी शर्मनाक घटना कभी नहीं हुई।
पूर्व मंत्री दानम नागेंद्र ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को CEC के खिलाफ आरोपों से जुड़े मामले पर खुद संज्ञान लेना चाहिए।
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