हैदराबाद: स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (SFI) तेलंगाना ने सोमवार को कहा कि एक नए कॉन्ट्रैक्टर के ज़रिए गुरुकुल और वेलफेयर संस्थानों में 88 ज़रूरी चीज़ों की सप्लाई 1 सितंबर से शुरू होनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। इस वजह से अधिकारियों को इस महीने भी पुरानी व्यवस्था के तहत ही सामान खरीदना पड़ रहा है।

SFI ने कहा कि गुरुकुल, आश्रम स्कूल, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, एकलव्य स्कूल और वेलफेयर हॉस्टल में रहने वाले 9 लाख से ज़्यादा छात्र अपने खाने के लिए इन्हीं सप्लाई पर निर्भर हैं। संगठन ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने बिना किसी ठोस योजना के सेंट्रलाइज़्ड कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम लागू कर दिया।

SFI ने कहा, "सप्लाई में देरी का सीधा असर छात्रों के खाने पर पड़ेगा।" संगठन ने सवाल उठाया कि नई व्यवस्था लागू होने के तुरंत बाद ही वैकल्पिक इंतज़ाम करने की ज़रूरत क्यों पड़ गई। उसने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर छात्रों के खाने की व्यवस्था के लिए कॉन्ट्रैक्ट एजेंसियों पर निर्भर रहने से भविष्य में भी ऐसी ही समस्याएँ हो सकती हैं, अगर सप्लाई में देरी हुई। "कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट में समस्याओं की वजह से छात्रों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।"

संगठन ने सरकार से माँग की कि वह तुरंत स्थिति की समीक्षा करे और गुरुकुल व वेलफेयर हॉस्टल में ज़रूरी चीज़ों की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रखे।

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