हैदराबाद: तेलंगाना सदर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (TGSPDCL) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) जितेश वी. पाटिल ने बताया कि स्मार्ट मीटर और स्मार्ट ग्रिड सिस्टम का मुख्य उद्देश्य बिजली उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और बेहतर गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करना है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगाने का मकसद केवल कंपनी का राजस्व बढ़ाना नहीं है, बल्कि उपभोक्ता सेवाओं में सुधार करना, बिजली की खपत के बारे में जागरूकता फैलाना और बिजली वितरण प्रणाली को अधिक कुशल बनाना है।

सोमवार को, CMD ने जीदिमेटला स्मार्ट ग्रिड पायलट प्रोजेक्ट के तहत शापुरनगर की अपुरूपा कॉलोनी का दौरा किया और वहां स्मार्ट मीटर तथा स्मार्ट ग्रिड ऑटोमेशन सिस्टम के कामकाज का जायजा लिया।

दौरे के दौरान, CMD ने उपभोक्ता मड्डिपति माधुरी लता और कई अन्य उपभोक्ताओं से सीधे बातचीत की। उन्होंने स्मार्ट मीटर के काम करने के तरीके, उनसे मिलने वाली जानकारी, बिजली की खपत पर नज़र रखने के तरीकों, बिलिंग प्रक्रिया और उपभोक्ताओं को आ रही समस्याओं के बारे में पूछा।

CMD ने बताया कि स्मार्ट मीटर की मदद से उपभोक्ता अपनी रोज़ाना की बिजली खपत पर नज़र रख सकते हैं। वे यह विश्लेषण कर सकते हैं कि बिजली कब और कितनी इस्तेमाल हो रही है, और किन समय-अंतरालों में खपत बढ़ जाती है।

अधिकारियों ने बताया कि हर महीने की 5 तारीख तक बिल तैयार करके उपभोक्ताओं को SMS और ईमेल के ज़रिए भेजने की व्यवस्था है। मीटर रीडिंग के लिए इंसानों पर निर्भरता कम होने से, रीडिंग में होने वाली गलतियों और अनुमानित बिलिंग (एस्टिमेटेड बिलिंग) से जुड़ी समस्याओं में कमी आती है। यहां तक ​​कि जब उपभोक्ता घर पर नहीं होते, तब भी मीटर की रीडिंग बिना किसी रुकावट के ली जा सकती है, बशर्ते मीटर का कम्युनिकेशन सिस्टम ठीक से काम कर रहा हो।

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