Telangana तेलंगाना: आदिलाबाद, कोमाराम भीम आसिफाबाद और निर्मल जिला में रविवार को जनगणना 2027 के लिए सेल्फ-एन्यूमरेशन (खुद से गिनती) प्रक्रिया की शुरुआत की गई। इस प्रक्रिया की शुरुआत जिला कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में की, जिसमें उन्होंने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर इस अभियान की औपचारिक शुरुआत की।
इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि यह प्रक्रिया जनगणना के आधुनिक और डिजिटल स्वरूप की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा दी गई है। इससे डेटा संग्रहण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होगी।
जिला प्रशासन ने बताया कि इस अभियान के तहत आम जनता को भी ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया में भाग ले सकें।
यह राष्ट्रीय जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण सेल्फ-एन्यूमरेशन का है, जो 10 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान नागरिक स्वयं अपने परिवार और अन्य विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं।
इसके बाद दूसरा चरण 11 मई से शुरू होगा, जिसमें घर-घर जाकर सूचीकरण (house listing) का कार्य किया जाएगा। यह चरण 9 जून तक जारी रहेगा और इसमें सरकारी कर्मचारी फील्ड पर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, जनगणना प्रक्रिया देश के सामाजिक और आर्थिक विकास की योजना बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सरकार विभिन्न नीतियां और योजनाएं तैयार करती है।
आदिलाबाद और आसपास के जिलों में इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विशेष तैयारियां की गई हैं। तकनीकी सहायता केंद्र भी स्थापित किए गए हैं, जहां लोगों को ऑनलाइन फॉर्म भरने में मदद दी जा रही है।
निर्मल जिला और कोमाराम भीम आसिफाबाद में भी समान रूप से जनगणना से जुड़े कार्यों को गति दी जा रही है। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि इस बार डिजिटल माध्यम पर अधिक जोर दिया जा रहा है ताकि प्रक्रिया अधिक सटीक और प्रभावी हो सके।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान सभी जानकारी को गोपनीय रखा जाएगा और इसका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए किया जाएगा।
स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे समय पर अपनी जानकारी दर्ज करें और इस राष्ट्रीय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना केवल एक आंकड़ा संग्रहण प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कुल मिलाकर, जनगणना 2027 की यह शुरुआत इन जिलों में डिजिटल प्रशासन और नागरिक भागीदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भविष्य की योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।