HYDERABAD हैदराबाद। तेलंगाना कांग्रेस सरकार ने राज्य में पिछड़ा वर्ग (बीसी) के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण देने की संभावना तलाशने हेतु चार सदस्यीय मंत्रियों की समिति का गठन किया है। यह कदम सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस समिति में सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी, बीसी कल्याण मंत्री पोनम प्रभाकर, पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री दानासुया और उपमुख्यमंत्री मल्लु भट्टी विक्रमार्क को शामिल किया गया है। समिति को आरक्षण से संबंधित संवैधानिक, कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

कांग्रेस सरकार का कहना है कि पिछड़ा वर्ग राज्य की सामाजिक-आर्थिक संरचना में बड़ी भूमिका निभाता है और उनकी संख्या भी अधिक है। इस वर्ग को शिक्षा, रोजगार और शासन में व्यापक अवसर मिलना जरूरी है। इसके लिए समिति आरक्षण की सीमा और उसकी व्यावहारिकता पर चर्चा करेगी। गौरतलब है कि वर्तमान में बीसी वर्ग को राज्य में निश्चित प्रतिशत आरक्षण प्राप्त है, लेकिन 42 प्रतिशत तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर कई बार सामाजिक संगठनों और नेताओं ने जोर दिया है। कांग्रेस सरकार ने इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करते हुए समिति बनाकर संकेत दिया है कि वह आरक्षण नीति में बदलाव के लिए तैयार है।

इस प्रक्रिया में समिति विभिन्न सामाजिक संगठनों, विशेषज्ञों और विधि विशेषज्ञों से चर्चा कर सकती है। आरक्षण को लागू करने से पहले इसे संवैधानिक दायरे में रखना सरकार की प्राथमिकता होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। राजनीतिक दृष्टि से यह कदम कांग्रेस के लिए बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि बीसी वर्ग राज्य की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता है। आने वाले समय में यह समिति की रिपोर्ट और सरकार का फैसला राज्य की राजनीतिक दिशा तय कर सकता है।

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