तेलंगाना : मोबाइल फोन चोरी और संपत्ति से जुड़े अपराधों में शामिल लोगों को अपराध की दुनिया से बाहर निकालने के उद्देश्य से शहर की पुलिस ने एक विशेष काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किया। गुरुवार को सात अलग-अलग जोन में आयोजित इस सत्र में मोबाइल चोरी के आरोपों का सामना कर रहे 288 लोगों को बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें अपराध छोड़कर कानून का पालन करने वाला जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि उन लोगों को सुधार का मौका देना भी है जो अपराध की राह छोड़कर सामान्य जीवन जीना चाहते हैं। काउंसलिंग के दौरान अधिकारियों ने प्रतिभागियों को समझाया कि चोरी जैसे अपराधों से उन्हें और उनके परिवारों को लंबे समय तक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अपराध और एसआईटी के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त एम. श्रीनिवास ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि बार-बार अपराध करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदतन अपराधियों को किसी भी स्थिति में कानून तोड़ने की छूट नहीं दी जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कठोर कदम उठाए जाएंगे।
वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग अपनी गलतियों को सुधारना चाहते हैं और अपराध की दुनिया से बाहर निकलना चाहते हैं, पुलिस उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगी। ऐसे लोगों को कौशल विकास, रोजगार के अवसरों और समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
काउंसलिंग कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने मोबाइल चोरी के मामलों से जुड़े लोगों को अपराध के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आसान पैसे के लालच में किया गया अपराध भविष्य में गंभीर कानूनी परेशानियों का कारण बन सकता है। इससे न केवल व्यक्ति का जीवन प्रभावित होता है, बल्कि परिवार और सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ता है।
पुलिस ने संदिग्धों को सलाह दी कि वे मेहनत और सही तरीकों से अपनी आजीविका कमाने का प्रयास करें। अधिकारियों ने कहा कि आज के समय में कई ऐसे कौशल हैं, जिन्हें सीखकर रोजगार के बेहतर अवसर हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपराध को छोड़कर शिक्षा, प्रशिक्षण और सकारात्मक गतिविधियों की ओर ध्यान दें।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी कहा कि मोबाइल फोन चोरी जैसे अपराधों का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ता है। एक व्यक्ति के फोन चोरी होने से उसकी आर्थिक हानि के साथ-साथ निजी जानकारी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सुरक्षा का खतरा भी बढ़ जाता है।
शहर पुलिस की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम को अपराध रोकथाम की रणनीति का हिस्सा बताया गया। पुलिस का मानना है कि केवल गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई से अपराध को पूरी तरह नियंत्रित नहीं किया जा सकता। इसके लिए अपराध की ओर जाने वाले लोगों को सही मार्ग दिखाना और उन्हें समाज से जोड़ना भी जरूरी है।
अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि छोटे अपराधों में शामिल लोगों को समय रहते सुधार का अवसर मिल सके। पुलिस उन लोगों पर विशेष नजर रखेगी जो बार-बार अपराध में शामिल पाए जाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने उपस्थित लोगों से यह संकल्प लेने को कहा कि वे भविष्य में किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे और समाज में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएंगे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध रोकने के लिए जनता और पुलिस के बीच सहयोग जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
यह काउंसलिंग अभियान पुलिस की उस सोच को दर्शाता है जिसमें अपराध नियंत्रण के साथ-साथ सुधार और पुनर्वास पर भी जोर दिया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य है कि जो लोग अपराध छोड़ना चाहते हैं, उन्हें एक बेहतर रास्ता मिले, जबकि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहे।