हैदराबाद: तेलंगाना उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र और तेलंगाना सरकारों को निर्देश दिया कि वे केवीपी रामचंद्र राव के खिलाफ जारी इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस और अनंतिम गिरफ्तारी वारंट के कानूनी आधार को स्पष्ट करते हुए जवाबी हलफनामा (counter-affidavit) दाखिल करें। यह मामला कथित टाइटेनियम घोटाले से जुड़ा है। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को तय की गई है।
न्यायमूर्ति वाकिति रामकृष्ण रेड्डी, रामचंद्र राव की उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को उन नोटिसों के आधार पर कोई कार्रवाई करने से रोकने की मांग की है। ये नोटिस स्विट्जरलैंड स्थित 'बोवली ट्रेड एजी' (Bowli Trade AG) की एक प्रस्तावित टाइटेनियम परियोजना से जुड़ी कथित साजिश के मामले में जारी किए गए थे।
रामचंद्र राव के वकील एन. हेमेंद्रनाथ रेड्डी ने बताया कि केवल सीबीआई ने अपना जवाबी हलफनामा दाखिल किया है। उन्होंने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से भी जवाब मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्यवाही राजनीतिक रूप से प्रेरित है और इससे रामचंद्र राव के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है।
सीबीआई के वकील टी. सृजन कुमार रेड्डी ने कहा कि उनकी एजेंसी केवल एक कार्यान्वयन प्राधिकरण (implementing authority) है और इंटरपोल नोटिस जारी करने में उनकी कोई भूमिका नहीं है।