हैदराबाद: मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा है कि "गांधी परिवार त्याग का प्रतीक है, जबकि संघ परिवार भारत को धर्म, जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर बांट रहा है"। भारत, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और आज़ादी की रक्षा के लिए लोगों से गांधी परिवार के साथ एकजुट होने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दो परिवारों के बीच भारत के लिए लड़ाई है।
मुख्यमंत्री को शुक्रवार को केरल में आर्यदान मुहम्मद मेमोरियल अवॉर्ड मिला। इस मौके पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जब भी केरल ने कांग्रेस को चुना, पार्टी केंद्र में भी सत्ता में रही। 1991 में के. करुणाकरण केरल के मुख्यमंत्री थे और पी.वी. नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री बने।
रेवंत रेड्डी ने कहा, "पिनाराई विजयन केरल में सत्ता में रहे हैं, और नरेंद्र मोदी 2014 में प्रधानमंत्री बने और 2026 तक बने रहेंगे। अब हम एक नई हवा महसूस कर रहे हैं; 2026 में जब कांग्रेस फिर से केरल में जीतेगी, तो वह राजनीतिक हवा केरल से चलेगी और एक तूफ़ान बन जाएगी।
रेवंत रेड्डी ने दोहराया कि उनका एकमात्र बचा हुआ सपना राहुल गांधी को भारत का प्रधानमंत्री बनाना है। उन्होंने कहा, "दिल्ली में कांग्रेस की सरकार बनेगी और राहुल प्रधानमंत्री बनेंगे। हमें इस राजनीतिक सुनामी को भारत के हर घर, हर गली, हर गाँव, शहर और राज्य तक पहुँचाने के लिए राहुल के साथ खड़ा होना होगा। बदलाव की हवा चल रही है। भारत का हर हिस्सा राहुल गांधी की उम्मीद भरी बातों की गूँज सुन रहा है। आइए, जब तक हम भारत को सांप्रदायिक ताकतों से पूरी तरह बचा नहीं लेते, तब तक राहुल जी के साथ खड़े रहें।