तेलंगाना। सड़क हादसों में लापरवाही और थकान कई बार जानलेवा साबित होती है। ऐसा ही एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां एक कार डिवाइडर से टकराने के बाद आग का गोला बन गई। इस हादसे में एक न्यूरोसर्जन की मौत हो गई। शुरुआती जांच में पुलिस हादसे की वजह चालक को नींद आना या झपकी लगना मान रही है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच जारी है।जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब न्यूरोसर्जन अपनी कार से कहीं जा रहे थे। अचानक कार अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार में तुरंत आग लग गई। देखते ही देखते वाहन आग की लपटों में घिर गया।हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने बचाव की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि कार के अंदर फंसे डॉक्टर को बाहर नहीं निकाला जा सका। सूचना मिलने के बाद पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसे में न्यूरोसर्जन की मौके पर ही मौत हो गई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
तेज रफ्तार या झपकी बनी वजह?
प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि कार चलाते समय चालक को नींद की झपकी आ गई होगी, जिसके कारण वाहन पर नियंत्रण नहीं रह पाया और वह डिवाइडर से टकरा गया। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी अंतिम निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है।जांच अधिकारी दुर्घटनास्थल से सबूत जुटा रहे हैं। कार की तकनीकी जांच भी कराई जा सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसे के समय वाहन में कोई तकनीकी खराबी तो नहीं थी।
टक्कर के बाद लगी भीषण आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार डिवाइडर से टकराने के बाद कुछ ही समय में आग की चपेट में आ गई। आग इतनी भयानक थी कि आसपास मौजूद लोग भी तुरंत मदद नहीं कर पाए।दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। इसके बाद वाहन की तलाशी ली गई, जहां से डॉक्टर के बारे में जानकारी मिली।
इलाके में फैली सनसनी
इस हादसे की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि दुर्घटना काफी गंभीर थी और कार पूरी तरह जल चुकी थी। लोगों ने सड़क सुरक्षा और रात के समय वाहन चलाते वक्त सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर दिया।
सड़क हादसों में नींद बनी बड़ी वजह
सड़क विशेषज्ञों के अनुसार, ड्राइविंग के दौरान नींद आना या थकान महसूस होना बेहद खतरनाक हो सकता है। कई गंभीर दुर्घटनाओं में चालक की झपकी को एक कारण माना जाता है।विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान पर्याप्त आराम करना जरूरी है। अगर चालक को नींद महसूस हो तो उसे वाहन रोककर आराम करना चाहिए।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना स्थल की जांच के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा सकती है। इसके अलावा हादसे के समय कार की गति और सड़क की स्थिति की भी जांच की जाएगी।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के सही कारणों का पता चल पाएगा।
परिवार में पसरा मातम
न्यूरोसर्जन की मौत की खबर मिलते ही परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों ने भी इस हादसे पर दुख जताया।एक अनुभवी डॉक्टर की अचानक मौत से उनके सहयोगियों और मरीजों में भी शोक का माहौल है। लोगों ने उन्हें अपने क्षेत्र का कुशल चिकित्सक बताते हुए श्रद्धांजलि दी।