नेशनल लोक अदालत 13 सितंबर को तेलंगाना में आयोजित, सभी स्तरों पर मामलों का निपटारा संभव
HYDERABAD हैदराबाद। पूरे तेलंगाना राज्य में 13 सितंबर, शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह विशेष पहल हाईकोर्ट से लेकर तालुक स्तर तक एक साथ होगी, जिसका उद्देश्य लंबित मामलों और विवादों को आपसी सहमति से सुलझाना है। लोक अदालत एक ऐसा वैकल्पिक मंच है, जहाँ मुकदमों का समाधान सरल और त्वरित प्रक्रिया से किया जाता है। इसमें न तो किसी तरह का खर्च लगता है और न ही वकील या पक्षकार को कोई अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यदि किसी लंबित मामले में अदालत शुल्क जमा किया गया है और वह लोक अदालत के माध्यम से निपटाया जाता है, तो पूरा शुल्क वापस कर दिया जाएगा। राज्यभर की अदालतों में लंबित मामलों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में लोक अदालत को न्यायपालिका और नागरिकों के बीच एक प्रभावी सेतु माना जा रहा है। यह नागरिक, पारिवारिक, संपत्ति संबंधी विवाद, धन वसूली, बैंक ऋण, बिजली और पानी के बिल, दुर्घटना मुआवजा जैसे तमाम मामलों को सुलझाने का एक सहज माध्यम है। साथ ही, संज्ञेय न होने वाले और समझौते योग्य आपराधिक मामले भी इसमें सुलझाए जा सकते हैं।
लोक अदालत का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यहाँ दिए गए फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती। इसका अर्थ है कि दोनों पक्षों की सहमति से लिया गया निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा। यह व्यवस्था मुकदमों की लंबी प्रक्रिया और खर्च से बचने का रास्ता प्रदान करती है। सुप्रीम कोर्ट और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की देखरेख में आयोजित होने वाली यह लोक अदालत न्याय तक त्वरित पहुंच को सुनिश्चित करने का प्रयास है। यह पहल ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों के लिए समान रूप से लाभकारी है, क्योंकि छोटे विवादों को वर्षों तक अदालत में लंबित रहने से बचाया जा सकता है। इस आयोजन के दौरान न्यायाधीश, वकील और प्राधिकरण के सदस्य मिलकर आपसी सहमति पर आधारित निपटारा करेंगे। पक्षकारों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर समझौते का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। तेलंगाना विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने लंबित मामलों को सुलझाने के लिए इस लोक अदालत का लाभ उठाएँ। यह पहल न केवल अदालतों का बोझ कम करेगी, बल्कि आम जनता को भी त्वरित और किफायती न्याय दिलाने में मददगार होगी।