हैदराबाद। तेलंगाना विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को विधानसभा के मुख्य गेट पर जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (BRS) के विधायक और विधान परिषद सदस्य काली टी-शर्ट पहनकर विधानसभा पहुंचे थे। टी-शर्ट पर कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारे लिखे थे। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें इन्हीं नारों वाली टी-शर्ट के साथ विधानसभा परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया। इसके बाद विधायक और पुलिस के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और देखते ही देखते धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
दरअसल, BRS ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार के करीब 1,000 दिन पूरे होने पर विरोध प्रदर्शन का फैसला किया था। पार्टी के नेताओं ने काले कपड़ों को विरोध के प्रतीक के तौर पर चुना। काली टी-शर्ट पर **“Congress Failed to Deliver on Its Promises”** और **“1,000 Days of Failed Governance”** जैसे नारे लिखे थे। BRS का आरोप है कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान जनता से किए गए कई वादों को पूरा नहीं किया है।
विधानसभा गेट पर बढ़ा तनाव
BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (KTR), पूर्व मंत्री टी. हरीश राव और कई अन्य विधायक जब विधानसभा पहुंचकर अंदर जाने लगे तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। पुलिस का कहना था कि राजनीतिक नारे लिखी टी-शर्ट पहनकर विधानसभा परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस पर BRS नेताओं ने विरोध जताया।
बहस बढ़ने के बाद मौके पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस और विधायकों के बीच धक्का-मुक्की के दृश्य सामने आए। इसके बाद KTR, हरीश राव और अन्य BRS नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। उन्हें विधानसभा परिसर से बाहर ले जाया गया।
BRS ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे नेताओं के साथ जरूरत से ज्यादा सख्ती की। पार्टी की ओर से दावा किया गया कि धक्का-मुक्की में KTR और पूर्व मंत्री जी. जगदीश रेड्डी को मामूली चोटें आईं। BRS ने महिला विधायकों के साथ भी कथित तौर पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष अलग है और घटना के सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
हरीश राव ने उतारी टी-शर्ट
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद हरीश राव ने अपनी टी-शर्ट उतार दी और सामान्य कपड़ों में विधानसभा के अंदर जाने की मांग की। इसके बावजूद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, सामान्य कपड़ों में पहुंचे BRS के कुछ सदस्यों को परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई। इससे विपक्षी नेताओं का गुस्सा और बढ़ गया।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान BRS नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताने के उनके अधिकार को रोका जा रहा है। KTR ने सवाल उठाया कि अगर विपक्ष संसद में काले कपड़े पहनकर विरोध दर्ज करा सकता है तो तेलंगाना विधानसभा में BRS विधायकों को ऐसा करने से क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।
सरकार पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप
विरोध प्रदर्शन से पहले BRS नेताओं ने तेलंगाना शहीद स्मारक, गन पार्क पर श्रद्धांजलि अर्पित की। KTR ने कांग्रेस सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। BRS का दावा है कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले बड़ी संख्या में गारंटी और वादे किए थे, लेकिन सरकार के लगभग 1,000 दिन पूरे होने के बाद भी कई वादे अधूरे हैं। पार्टी ने किसानों, सरकारी कर्मचारियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, ऑटो चालकों और अन्य वर्गों से जुड़े मुद्दे विधानसभा में उठाने की बात कही है।
विधानसभा गेट पर हुए इस हंगामे ने सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है। BRS ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में आगे आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था और विधानसभा की गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
फिलहाल काली टी-शर्ट पर लिखे नारों से शुरू हुआ विवाद विधानसभा के बाहर राजनीतिक संघर्ष में बदल गया है। हिरासत, धक्का-मुक्की और आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब निगाह इस बात पर है कि विधानसभा के भीतर इस मुद्दे को विपक्ष किस तरह उठाता है और सरकार की ओर से क्या जवाब दिया जाता है।
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