Hyderabad: रेड हिल्स इलाके में सोमवार सुबह एक G+3 रिहायशी इमारत में आग लगने की घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में फायरफाइटर्स ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात बच्चों समेत कुल 23 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार, आग तीसरी मंजिल के ड्राइंग रूम में लगी थी और शुरुआती जांच में इसके पीछे बिजली से जुड़ी तकनीकी खराबी को संभावित कारण माना जा रहा है। घटना के समय इमारत में कई लोग मौजूद थे, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती थी।
Thagaram Venkanna, जो हैदराबाद जिले के DFO-1 हैं, ने बताया कि सुबह 7:48 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद फायर डिपार्टमेंट की छह टीमें मौके पर रवाना की गईं, जिनमें से दो टीमें आग बुझाने के काम में लगीं और बाकी टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गईं।
रेस्क्यू ऑपरेशन करीब तीन घंटे तक चला और सुबह 10:15 बजे तक सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बचाए गए लोगों में दो चार साल के छोटे बच्चे भी शामिल थे, जबकि सबसे बुजुर्ग व्यक्ति की उम्र 75 वर्ष बताई गई है।
अधिकारियों के अनुसार, फायरफाइटर्स ने इमारत के अंदर धुएं और आग के बीच फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष सावधानी बरती, जिससे किसी प्रकार की बड़ी जनहानि नहीं हुई।
स्थानीय लोगों ने फायर विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और कहा कि समय रहते की गई प्रतिक्रिया से बड़ा हादसा टल गया।
फिलहाल, आग लगने के सही कारणों की जांच की जा रही है और बिजली संबंधी फॉल्ट को मुख्य कारण माना जा रहा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।
कुल मिलाकर, रेड हिल्स की यह घटना फायर सेफ्टी और इमरजेंसी रिस्पॉन्स की अहमियत को एक बार फिर उजागर करती है, जहां समय पर कार्रवाई से 23 जिंदगियां बचाई जा सकीं।