हैदराबाद: AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को फिर कहा कि 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) असल में पिछले दरवाज़े से लाया गया 'नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़न्स' (NRC) है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे SIR के तहत भेजे जा रहे नोटिस का जवाब दें।
हैदराबाद के सांसद ने कहा कि जिन लोगों को नोटिस मिले हैं, उन्हें इसे पूरी गंभीरता से लेना चाहिए।
उन्होंने मीडिया से कहा, "(केंद्रीय गृह मंत्री) अमित शाह कह चुके हैं कि NRC लागू किया जाएगा। हो सकता है कि NRC को SIR वोटर लिस्ट के आधार पर किया जाए।"
उन्होंने नोटिस पाने वालों से अपील की कि वे नोटिस का जवाब दें, ज़रूरी कागज़ात के साथ हियरिंग सेंटर जाएं और अपना 'फॉर्म 6' भरें। उन्होंने कहा, "आप न सिर्फ़ अपना वोट देने का अधिकार खो सकते हैं, बल्कि अपनी नागरिकता भी खो सकते हैं।"
ओवैसी ने कहा कि BJP ने सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक कमीशन बनाया है जो उन इलाकों का दौरा करेगा जहां आबादी के ढांचे में बदलाव आए हैं। उन्होंने कहा, "वे उन जगहों पर जाएंगे जहां SIR का काम पूरा हो चुका है; वे फ़ाइनल लिस्ट देखेंगे और गैर-कानूनी प्रवासियों को पकड़ा जाएगा।"
भारत के चुनाव आयोग से जुड़े मौजूदा विवाद पर उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक संस्था पूरी तरह से सरकार (एग्जीक्यूटिव) के कंट्रोल में आ गई है।
उन्होंने याद दिलाया कि जब संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए एक पैनल (जिसमें प्रधानमंत्री, एक केंद्रीय मंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता शामिल हों) बनाने वाले बिल पर चर्चा हो रही थी, तो उन्होंने सरकार से कहा था कि इससे संसद की नज़र में चुनाव आयोग की विश्वसनीयता कम हो रही है।
उन्होंने बताया कि इस कानून में भारत के मुख्य न्यायाधीश की जगह केंद्रीय मंत्री को शामिल किया गया। उन्होंने कहा, "मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए बनाया गया कानून सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में ही होगा, है ना? सरकार को सोचना चाहिए कि यह सब क्यों हुआ और कैसे हो रहा है।"
ओवैसी ने एक रिपोर्ट का ज़िक्र किया जिसमें दो चुनाव आयुक्तों ने कहा था कि उनसे सलाह नहीं ली जा रही है या उनकी सहमति नहीं ली जा रही है, और इसीलिए उन्होंने कई बार अपनी आपत्ति जताई थी।
'फॉर्म 6' में बदलाव पर सांसद ने कहा कि सरकार को सभी पूर्व चुनाव आयुक्तों की राय लेकर कानून में संशोधन करना चाहिए। AIMIM प्रमुख ने उस फ़ैसले की भी आलोचना की जिसके तहत बूथ लेवल ऑफ़िसर्स (BLOs) उन लोगों के घर जाएँगे जिन्हें SIR के दौरान नोटिस मिले थे।
उन्होंने कहा कि BLOs के लिए घर-घर जाना बहुत मुश्किल काम है और आशंका जताई कि कई असली वोटर छूट जाएँगे।
ओवैसी ने कहा कि BLOs इस प्रक्रिया के पिछले चरण में नोटिस पहुँचाने में नाकाम रहे थे।
जब ओवैसी से पूछा गया कि क्या AIMIM उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनावों के लिए किसी पार्टी के साथ गठबंधन करेगी, तो उन्होंने कहा, "अगर किसी के साथ गठबंधन होता है, तो हम आपको बता देंगे।"
INDIA गठबंधन की बैठक पर ओवैसी ने कहा, "मैं NDA या INDI गठबंधन का हिस्सा नहीं हूँ। अच्छी बात है कि मैं न तो NDA का हिस्सा हूँ और न ही INDI गठबंधन का... एक तरफ़ NDA है, दूसरी तरफ़ INDI गठबंधन है, और बीच में AIMIM है।"
Tags: