हैदराबाद: हैदराबाद पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है, जिस पर आरोप है कि वह शुक्रवार को एक मंदिर में घुस गया और पुजारी व भक्तों की मौजूदगी में मूर्ति का अपमान करने की कोशिश की। यह घटना दिलसुखनगर इलाके के संतोषी माता मंदिर में हुई।
सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में, एक व्यक्ति को गर्भगृह में घुसते और मूर्ति के सामने पेड़ की कुछ टहनियाँ फेंकते हुए देखा जा सकता है।
इसके बाद वह मंदिर से बाहर निकल गया।
यह घटना उस समय हुई जब पूजा-अर्चना चल रही थी।
कुछ लोगों ने उस व्यक्ति को पकड़ लिया, उसके साथ मारपीट की और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
उस व्यक्ति की पहचान मोहम्मद अंसारी के तौर पर हुई है।
पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है।
पुलिस के अनुसार, अंसारी का अभी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का इलाज चल रहा है।
आगे की जाँच जारी है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस घटना की निंदा की।
पार्टी ने इसे गर्भगृह में मौजूद देवी की मूर्ति पर "धार्मिक कट्टरपंथियों द्वारा किया गया बर्बर हमला" बताया।
BJP ने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी सरकार गहरी नींद में सोई हुई है और वोट-बैंक की राजनीति में डूबी हुई है।
तेलंगाना BJP के X हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा गया, "कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति का शिकार और कितने हिंदू मंदिर बनेंगे? जिस राज्य में देवी संतोषी माता की मूर्ति तक सुरक्षित नहीं है, वहाँ बहुसंख्यक समुदाय के आत्म-सम्मान का क्या मूल्य है?"
पार्टी ने कहा कि यह घटना केवल सरकार की विफलता नहीं है, बल्कि यह हिंदुओं की भावनाओं के प्रति कांग्रेस पार्टी की लापरवाही को भी दर्शाती है।
BJP के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने आरोप लगाया कि मोहम्मद अंसारी संतोषी माता मंदिर में घुसा, उसने धार्मिक नारे लगाए, देवी की मूर्ति पर लकड़ियाँ फेंकीं और उसका अपमान किया।
उन्होंने कहा, "इसकी पूरी ज़िम्मेदारी CM रेवंत रेड्डी और उनकी तुष्टिकरण की राजनीति पर है। उन्होंने उन चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की है जो अतीत में हमारे मंदिरों पर हमले करते रहे हैं, और इस निष्क्रियता ने उन्हें और भी बढ़ावा दिया है।"
तेलंगाना विधानसभा में BJP के फ्लोर लीडर अलेत्ती महेश्वर रेड्डी ने भी दिलसुखनगर स्थित संतोषी माता मंदिर में हुई इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, "जब से रेवंत रेड्डी ने मुख्यमंत्री का पद संभाला है, तेलंगाना में मंदिरों में तोड़-फोड़ और उन्हें अपवित्र करने की 15 से ज़्यादा घटनाएं सामने आई हैं।"
महेश्वर रेड्डी ने कहा, "रेवंत रेड्डी के पास गृह विभाग होने के कारण तुष्टिकरण की राजनीति आम हो गई है, जिससे धार्मिक कट्टरपंथ को बढ़ावा मिल रहा है और हिंदू मंदिर खतरे में पड़ गए हैं। भक्तों की सुरक्षा और पूजा-स्थलों की पवित्रता की रक्षा की जानी चाहिए। इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।"