Hyderabad हैदराबाद। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) ने 'प्रजावाणी' कार्यक्रम के संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित किया जाता है। नगर निगम प्रशासन ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को होने वाले 'प्रजावाणी' कार्यक्रम को रद्द करने की घोषणा की है। यह निर्णय प्रशासनिक कारणों से लिया गया है। इसलिए, जो नागरिक सोमवार को अपनी शिकायतें और आवेदन जमा करने के लिए इस कार्यक्रम में आने की योजना बना रहे थे, उन्हें अब अगली निर्धारित तारीख का इंतजार करना होगा।
GHMC आयुक्त आर.वी. कर्णन ने शनिवार, 17 अक्टूबर को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में इस कार्यक्रम के रद्द होने की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगला 'प्रजावाणी' कार्यक्रम अपने नियमित कार्यक्रम के अनुसार 26 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे नई तारीख को ध्यान में रखते हुए अपनी शिकायतें और आवेदन जमा करने की योजना बनाएं।
प्रशासनिक कारणों से कार्यक्रम रद्द
नगर निगम प्रशासन के अनुसार, 19 अक्टूबर को होने वाला 'प्रजावाणी' कार्यक्रम प्रशासनिक कारणों से रद्द कर दिया गया है। हालांकि, सार्वजनिक बयान में इन कारणों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
'प्रजावाणी' कार्यक्रम हर सोमवार को आयोजित किया जाता है, जिसमें नागरिक नगर निगम से जुड़ी अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रख सकते हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता और प्रशासन के बीच संवाद को बढ़ावा देना और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है। कार्यक्रम रद्द होने की पूर्व सूचना देने का उद्देश्य नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाना है—विशेष रूप से उन लोगों को जो अपनी शिकायतों के साथ नगर निगम कार्यालय आने की तैयारी कर रहे थे—ताकि वे अपनी यात्रा की योजनाओं में बदलाव कर सकें।
26 अक्टूबर को होगा 'प्रजावाणी'
GHMC आयुक्त आर.वी. कर्णन ने बताया कि 19 अक्टूबर का सत्र रद्द होने के बाद, अगली जन-शिकायत सुनवाई अपने नियमित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को होगी। नगर निगम प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अपनी शिकायतें, आवेदन पत्र और अन्य दस्तावेज उसी के अनुसार तैयार रखें। इससे नागरिकों को अपनी समस्याएं समय रहते संबंधित अधिकारियों के सामने रखने में आसानी होगी। आगामी जन शिकायत सुनवाई ('प्रजावाणी') के लिए, नागरिक अपने आवेदन और उनसे जुड़े दस्तावेज़ पहले से तैयार रख सकते हैं। हालाँकि, किसी विशेष शिकायत के लिए किस तरह के दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी, यह संबंधित विभाग की प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।
'प्रजावाणी' कार्यक्रम क्या है?
'प्रजावाणी' तेलंगाना में जन शिकायतों के निवारण के लिए एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसके माध्यम से, आम नागरिक अपनी समस्याओं को प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रख सकते हैं। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) का 'प्रजावाणी' कार्यक्रम, नगर निगम द्वारा प्रबंधित विभिन्न नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों को स्वीकार करता है। इनमें स्वच्छता, जल निकासी (ड्रेनेज), सड़क की मरम्मत, स्ट्रीट लाइटिंग, शहरी नियोजन और अन्य स्थानीय मुद्दों से जुड़ी शिकायतें शामिल हो सकती हैं।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य जन शिकायतों को संबंधित विभागों तक पहुँचाना और यह सुनिश्चित करना है कि नियमों के अनुसार उनके समाधान के लिए कार्रवाई की जाए। यह प्रणाली नागरिकों को अपनी समस्याओं को सीधे प्रशासन के सामने रखने का अवसर देती है। साथ ही, इससे अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में आ रही चुनौतियों को समझने में मदद मिलती है।
विभिन्न नगरपालिका सेवाओं से जुड़ी शिकायतें
हैदराबाद जैसे बड़े महानगर में, नागरिक सुविधाओं का सुचारू रूप से चलना नगर निगम की मुख्य जिम्मेदारी है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों को सड़कों, स्वच्छता, जल निकासी, सार्वजनिक स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी ढाँचों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। 'प्रजावाणी' कार्यक्रम एक ऐसे माध्यम के रूप में कार्य करता है जिससे ऐसी समस्याओं को प्रशासन के ध्यान में लाया जा सके। इसके ज़रिए, नागरिक अपनी चिंताओं के संबंध में लिखित आवेदन जमा कर सकते हैं। इससे पहले, 17 अगस्त 2026 को आयोजित GHMC के 'प्रजावाणी' कार्यक्रम के दौरान कुल 69 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 41 शिकायतें नगर निगम मुख्यालय में और 12 शिकायतें सिकंदराबाद ज़ोन में दर्ज की गईं। बाकी शिकायतें अन्य ज़ोनों से प्राप्त हुईं। इन शिकायतों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया। जनता और अधिकारियों के बीच संवाद का एक माध्यम:
'प्रजा वाणी' (जनता की आवाज़) कार्यक्रम केवल शिकायतें प्राप्त करने तक ही सीमित नहीं है; यह नागरिकों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संवाद के एक माध्यम के रूप में भी काम करता है। कार्यक्रम के दौरान प्राप्त शिकायतें अधिकारियों को उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करती हैं, जहाँ नागरिक सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता है। नगर निगम से जुड़े विभागों के अधिकारी शिकायतों की प्रकृति के आधार पर उनकी जांच करते हैं और तय प्रक्रियाओं के अनुसार आवश्यक कदम उठाते हैं। इस तरह के कार्यक्रम प्रशासन को स्थानीय स्तर पर नागरिक मुद्दों को समझने में मदद करते हैं, और साथ ही नागरिकों को भी एक अवसर प्रदान करते हैं।
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