तेलंगाना में कांग्रेस के 1,000 दिन पूरे होने पर KTR ने शासन की नाकामियों को किया उजागर
हैदराबाद: BRS के कार्यकारी अध्यक्ष KT रामा राव ने बुधवार को कांग्रेस सरकार के 1,000 दिनों के कार्यकाल पर एक चार्जशीट जारी की। इसमें आरोप लगाया गया कि सरकार कई अहम चुनावी वादों को पूरा करने में "नाकाम रही" है और प्रमुख क्षेत्रों में "शासन-प्रशासन के मामले में पिछड़ गई" है।
तेलंगाना भवन में चार्जशीट जारी करते हुए KTR ने कहा कि BRS ने कांग्रेस सरकार की बड़ी नाकामियों का ब्योरा तैयार किया है और इन मुद्दों को जनता के सामने ले जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 1,000 दिनों में सरकार के कामकाज के कारण किसानों, छात्रों, बेरोजगार युवाओं, महिलाओं, कर्मचारियों और अन्य वर्गों की मुश्किलें बढ़ी हैं।
खेती-किसानी के मुद्दे पर KTR ने आरोप लगाया कि 'रायतू भरोसा' (Rythu Bharosa), फसल की खरीद, खाद की उपलब्धता, किसान बीमा और कर्ज से जुड़ी मदद समेत कई मोर्चों पर किसानों को निराश किया गया है। उन्होंने कहा कि कल्याणकारी भुगतान और खरीद में देरी से किसानों की समस्याएं और बढ़ गई हैं और आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दौर में खेती-किसानी से जुड़े संकट में बढ़ोतरी हुई है।
KTR ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र भी गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है, खासकर फीस रिइम्बर्समेंट (फीस वापसी) का बकाया बढ़ने के कारण। उन्होंने सरकारी स्कूलों और विश्वविद्यालयों के प्रति सरकार के रवैये पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि प्रशासनिक नाकामियों का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने छात्र विरोध-प्रदर्शनों से निपटने के सरकार के तरीके की भी आलोचना की।
रोजगार के मुद्दे पर KTR ने कांग्रेस के जॉब कैलेंडर को लागू करने पर सवाल उठाए और दो लाख सरकारी रिक्तियों को भरने के वादे पर स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने कहा कि जिन बेरोजगार युवाओं ने चुनाव के दौरान कांग्रेस का समर्थन किया था, वे अब भर्ती और रोजगार के मौकों पर जवाब मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि BRS आने वाले विधानसभा सत्र में इन मुद्दों को उठाएगी।
KTR ने आरोप लगाया कि मासिक आर्थिक सहायता समेत कई वादों को पूरा न करने के कारण महिलाएं भी सरकार से निराश हुई हैं। उन्होंने कल्याणकारी योजनाओं के तहत लंबित भुगतानों पर चिंता जताई और मांग की कि सरकार बिना और देरी किए बकाया राशि का भुगतान करे।
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर BC, SC, ST और अल्पसंख्यकों के प्रति अपने वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया। KTR ने आरोप लगाया कि वादा की गई आर्थिक मदद, आरक्षण और कल्याणकारी उपाय या तो लागू नहीं किए गए या चुनाव के दौरान किए गए वादों के मुकाबले कम रहे।
सरकारी कर्मचारियों और कामगारों के मामले में KTR ने आरोप लगाया कि PRC और DA से जुड़े लाभ अभी भी लंबित हैं। उन्होंने बेहतर काम करने की स्थितियों और आर्थिक मदद की मांग कर रहे आंगनवाड़ी और आशा वर्करों, RTC कर्मचारियों, सिंगरेनी वर्करों और दूसरे वर्गों के साथ सरकार के बर्ताव की भी आलोचना की।
KTR ने हैदराबाद के सिविक एडमिनिस्ट्रेशन पर भी चिंता जताई। उन्होंने सफाई, इंफ्रास्ट्रक्चर और पब्लिक सर्विस में गिरावट का आरोप लगाया और HYDRAA से जुड़ी कार्रवाई और प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों को संभालने के सरकार के तरीके की आलोचना की। उन्होंने हैदराबाद में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और पब्लिक ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट्स से जुड़े फैसलों पर भी सवाल उठाए।
इकॉनमी के मामले में, KTR ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तेलंगाना की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने 4.5 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के इस्तेमाल पर सवाल उठाए और कर्ज के पैसे को कैसे खर्च किया गया, इस पर ज्यादा पारदर्शिता की मांग की।
KTR ने कॉन्ट्रैक्ट, जमीन के लेन-देन और सरकारी प्रोजेक्ट्स में भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चार्जशीट में लगभग 30 कथित घोटालों और विवादों की जानकारी है और मांग की कि सरकार इन आरोपों पर पारदर्शी तरीके से जवाब दे।
KTR ने कहा कि BRS विधानसभा और पब्लिक कैंपेन के जरिए कांग्रेस सरकार को जवाबदेह ठहराती रहेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन के 1,000 दिन पूरे होने पर पार्टी के कार्यक्रम तो बस शुरुआत भर थे और BRS तेलंगाना के अलग-अलग वर्गों से जुड़े मुद्दों को उठाने की अपनी कोशिशें और तेज करेगी।