Hyderabad.हैदराबाद: कार्यक्रम में शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, छात्रों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसमें पैनल चर्चाएँ, कार्यशालाएँ और लाइव डेमो शामिल थे, जो तकनीकी नवाचारों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर केंद्रित थीं। सिम्पोजियम में यह भी चर्चा हुई कि कैसे नवीनतम तकनीकें और डेटा-संचालित दृष्टिकोण शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में सुधार ला सकते हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि लंबी उम्र और बेहतर जीवनशैली सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत सीखने और स्वास्थ्य प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी है।
इस अवसर पर छात्रों को भी प्रोत्साहित किया गया कि वे इनोवेशन और रिसर्च प्रोजेक्ट्स में भाग लें, जिससे समाज के लिए सकारात्मक बदलाव लाया जा सके। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नेटवर्किंग पर भी जोर दिया गया, जिससे वैश्विक स्तर पर ज्ञान का आदान-प्रदान संभव हो सके। सिम्पोजियम के आयोजकों ने कहा कि यह कार्यक्रम भविष्य के लिए रणनीतियों और तकनीकों पर विचार-विमर्श का मंच बना है। इससे शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में लंबे समय तक टिकाऊ और प्रभावशाली समाधान विकसित किए जा सकेंगे। कुल मिलाकर, IIIT-H द्वारा आयोजित यह सिम्पोजियम शिक्षा और दीर्घायु के क्षेत्र में अनुसंधान, न चार और सामूहिक सोच को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।
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