Hyderabad हैदराबाद: तेलंगाना में TGSRTC कर्मचारियों की जारी हड़ताल के बीच दो बस ड्राइवरों द्वारा आत्महत्या की कोशिशों की घटनाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इन घटनाओं के बाद राज्य सरकार ने आंदोलनकारी यूनियनों के साथ बातचीत शुरू करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने संबंधित मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे शुक्रवार को RTC यूनियनों के प्रतिनिधियों से बातचीत करें। यह निर्देश गुरुवार को हैदराबाद में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान जारी किए गए। सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए संवाद के जरिए समाधान निकालना आवश्यक है।
कैबिनेट बैठक में डिप्टी मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क की मौजूदगी में इस मुद्दे पर चर्चा हुई। मंत्रियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि वे यूनियनों के साथ बैठकर उनकी मांगों और चिंताओं को समझें और समाधान की दिशा में आगे बढ़ें।
बताया गया है कि एक ड्राइवर ने नरसंपेट डिपो में और दूसरे ने खम्मम में आत्महत्या की कोशिश की। इन घटनाओं ने हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर पड़ रहे मानसिक और आर्थिक दबाव को उजागर किया है। हालांकि दोनों मामलों में स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
हड़ताल का असर राज्य के कई हिस्सों में देखा जा रहा है। बस सेवाएं प्रभावित होने से आम यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दैनिक यात्रियों, छात्रों और कामकाजी लोगों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
सरकार की ओर से पहले भी कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त करने की अपील की गई थी और बातचीत के जरिए समाधान का आश्वासन दिया गया था। अब इन नई घटनाओं के बाद सरकार ने वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
अधिकारियों के अनुसार, वार्ता के दौरान कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर चर्चा की जाएगी और उनके समाधान के लिए व्यावहारिक रास्ता तलाशने की कोशिश की जाएगी। सरकार का कहना है कि वह कर्मचारियों की समस्याओं को समझती है और सकारात्मक समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
यूनियनों की ओर से अब तक हड़ताल जारी रखने का रुख सामने आया है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि सरकार के वार्ता प्रस्ताव के बाद आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है।
प्रशासन ने लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि स्थिति को जल्द सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सभी पक्षों से सहयोग की अपेक्षा की गई है।
कुल मिलाकर, TGSRTC हड़ताल के बीच सामने आई घटनाओं के बाद सरकार ने वार्ता का रास्ता अपनाया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बातचीत से समाधान निकलता है या नहीं और बस सेवाएं कब तक सामान्य हो पाती हैं।
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