Telangana तेलंगाना: सोमवार को पूरे Telangana में दीपावली उत्साह और परंपरागत विधियों के साथ मनाई गई। इस अवसर पर लोगों ने अपने घरों को सजाया और घरों तथा मंदिरों में पूजा-अर्चना की। दीपावली के त्योहार ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में खुशियों और उल्लास का माहौल पैदा किया। Hyderabad और राज्य के अन्य हिस्सों में दुकानों और अस्थायी ठेलों पर फूल, मिट्टी के दीये, आम के पत्ते और पूजा सामग्री के साथ-साथ फुलझड़ियों और आतिशबाजी की वस्तुएँ भी बिकती दिखाई दीं। लोग अपने घरों और कार्यस्थलों को रंग-बिरंगी लाइटों और दीयों से सजाकर त्योहार का आनंद उठा रहे थे।
राज्यपाल Jishnu Dev Varma, मुख्यमंत्री A Revanth Reddy, केंद्रीय मंत्री G Kishan Reddy और Bandi Sanjay Kumar सहित कई राजनीतिक दलों के नेता लोगों को दीपावली की शुभकामनाएँ दीं। राज्यपाल ने विशेष संदेश में लोगों से स्थानीय उत्पाद खरीदने और देशी निर्माताओं का समर्थन करने का आग्रह किया, जिससे ‘Atma Nirbhar Bharat’ के सिद्धांत को साकार किया जा सके। मुख्यमंत्री A Revanth Reddy ने दीपावली के दौरान लोगों से आतिशबाजी करते समय सावधानी बरतने और सुरक्षा नियमों का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह पर्व उल्लास और खुशी का है, लेकिन इसे सुरक्षित तरीके से मनाना अत्यंत आवश्यक है।
पूरे Telangana में दिवाली का यह उत्सव परिवारों, मित्रों और समुदायों के बीच मिलन और सौहार्द का संदेश लेकर आया। पूजा सामग्री और फुलझड़ियों की खरीदारी ने स्थानीय व्यापार और कारीगरों को भी फायदा पहुँचाया। कई परिवारों ने घरों के आंगन और छतों को रंग-बिरंगी लाइटों और दीयों से सजाया, जिससे पूरा क्षेत्र दीपों की चमक से जगमगाता नजर आया। राज्यपाल के संदेश में स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने और देशी उद्योगों का समर्थन करने की बात को लेकर यह स्पष्ट किया गया कि त्योहार केवल खुशी मनाने का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक जागरूकता फैलाने का अवसर भी है। वहीं मुख्यमंत्री के सुरक्षा संदेश ने लोगों में सावधानी अपनाने की चेतना भी बढ़ाई।
इस तरह, Telangana में दीपावली का पर्व न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि यह स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों के लिए भी लाभकारी रहा। पूरे राज्य में लोगों ने मिलकर इस त्योहार का जश्न मनाया और सामाजिक एवं पारिवारिक मेलजोल को भी मजबूती दी। दीपावली के इस उत्सव ने Telangana में परंपरा, संस्कृति और आधुनिक सुरक्षा जागरूकता का समन्वय प्रस्तुत किया, जिससे यह पर्व और भी यादगार और भव्य बन गया।