Hyderabad तेलंगाना के शमीरपेट इलाके में सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS के चावल की कथित अवैध जमाखोरी और डायवर्जन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान करीब 1000 बोरे PDS चावल जब्त किए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी वितरण के लिए निर्धारित चावल मिलने के बाद संबंधित विभागों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार अधिकारियों को शमीरपेट क्षेत्र में बड़ी मात्रा में PDS चावल रखे जाने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर संबंधित स्थान पर छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में चावल के बोरे मिलने के बाद अधिकारियों ने उन्हें कब्जे में ले लिया।
प्रारंभिक जानकारी में बरामद चावल के बोरों की संख्या करीब एक हजार बताई जा रही है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि यह चावल कहां से आया, इसे किस उद्देश्य से जमा किया गया था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। PDS के तहत जरूरतमंद और पात्र परिवारों को रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में इस प्रणाली के चावल को अवैध तरीके से खुले बाजार में बेचने या व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए डायवर्ट किए जाने के मामलों में प्रशासन कार्रवाई करता है।
अधिकारियों की जांच का प्रमुख बिंदु चावल की सप्लाई चेन का पता लगाना होगा। रिकॉर्ड और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि जब्त चावल किस राशन दुकान या वितरण केंद्र के लिए आवंटित किया गया था। इसके अलावा गोदाम या परिसर से जुड़े लोगों से पूछताछ कर चावल के स्रोत की जानकारी जुटाई जा सकती है। यदि जांच में PDS चावल की कालाबाजारी या अवैध परिवहन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
एक साथ करीब 1000 बोरे बरामद होने के कारण मामला गंभीर माना जा रहा है। इतनी बड़ी मात्रा में खाद्यान्न एक स्थान तक कैसे पहुंचा और क्या इसके पीछे संगठित नेटवर्क काम कर रहा था, इसकी भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों की ओर से जब्त किए गए बोरों की गिनती और चावल की कुल मात्रा का सत्यापन किया जा रहा है। इसके बाद इसकी कीमत और सरकारी आवंटन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है। मामले में राशन दुकानों की भूमिका की भी जांच महत्वपूर्ण होगी। यदि किसी उचित मूल्य दुकान से चावल निर्धारित लाभार्थियों तक पहुंचने के बजाय दूसरी जगह भेजा गया है तो उसके रिकॉर्ड से इसका पता लगाया जा सकता है।
PDS खाद्यान्न की कालाबाजारी रोकने के लिए तेलंगाना में समय-समय पर प्रवर्तन एजेंसियां कार्रवाई करती रही हैं। खाद्यान्न के परिवहन और भंडारण से जुड़े दस्तावेजों की जांच के जरिए अवैध कारोबार पर रोक लगाने का प्रयास किया जाता है। शमीरपेट में हुई इस कार्रवाई के बाद आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई जा सकती है। फिलहाल अधिकारी पूरे नेटवर्क और चावल के स्रोत का पता लगाने में जुटे हैं। विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि करीब 1000 बोरे PDS चावल किसके थे और उन्हें वहां किस उद्देश्य से रखा गया था।
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