Telangana तेलंगाना: पटनचेरु में स्थित ज़िला परिषद हाई स्कूल (ZPHS) की पुरानी बिल्डिंग गिराए जाने के मामले ने विवाद खड़ा कर दिया है। घटना के पांच दिन बाद अधिकारियों ने दावा किया कि यह भवन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान गलती से गिर गया था। इस बयान के बाद प्रशासनिक जिम्मेदारी और पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि यह स्कूल भवन लंबे समय से क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण ढांचा माना जाता था। अचानक इसके गिरने और बाद में दिए गए स्पष्टीकरण ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से दिए गए देरी से बयान की भी आलोचना हो रही है। स्थानीय संगठनों का कहना है कि यदि यह घटना निर्माण कार्य के दौरान हुई थी, तो तुरंत स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई।
इस मामले पर तेलंगाना प्रजा संगला जेएसी के चेयरमैन वाई अशोक कुमार ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पंचनामा रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
पटनचेरु में हुई इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन से जवाबदेही की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान पर स्पष्ट जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान यह घटना कैसे हुई, इसे लेकर भी तकनीकी और प्रशासनिक जांच की मांग की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं परियोजना प्रबंधन में गंभीर लापरवाही की ओर संकेत कर सकती हैं।
पटनचेरु में स्थित ZPHS भवन के गिरने के बाद क्षेत्र में सुरक्षा और निर्माण कार्यों की निगरानी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते चेतावनी या सुरक्षा उपाय किए जाते, तो इस घटना से बचा जा सकता था।
तेलंगाना प्रजा संगला जेएसी ने मांग की है कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि भवन गिराने का निर्णय किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में लिया गया।
वाई अशोक कुमार ने कहा कि यह मामला केवल एक भवन गिरने का नहीं है, बल्कि इसमें प्रशासनिक जवाबदेही और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा का बड़ा सवाल जुड़ा हुआ है।
पटनचेरु में यह मुद्दा अब राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। विभिन्न संगठनों ने इस घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
कुल मिलाकर, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की भूमिका को लेकर उठे सवालों और तेलंगाना प्रजा संगला जेएसी द्वारा की गई जांच की मांग ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। अब सभी की नजरें प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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