Hyederabad  हैदराबाद: तेलंगाना का प्रमुख और पारंपरिक त्योहार बथुकम्मा रविवार से पूरे उत्साह के साथ शुरू हो गया। शहर के विभिन्न हिस्सों में महिलाएं रंग-बिरंगे फूलों से सजे आकर्षक पुष्प विन्यास तैयार कर पारंपरिक गीतों और नृत्यों के साथ उत्सव का आगाज़ कर रही हैं। इस बीच, ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) पर झीलों और तालाबों की सफाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।हर साल बथुकम्मा के मौके पर हैदराबाद की प्रमुख झीलों और तालाबों को विशेष रूप से सजाया और साफ किया जाता है, ताकि महिलाएं त्योहार के दौरान सुरक्षित और साफ जलाशयों में बथुकम्मा विसर्जन कर सकें। लेकिन इस बार अब तक कई जलाशयों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। जानकारी के अनुसार, शहर के कई तालाबों और झीलों के किनारे अभी भी कचरे से भरे पड़े हैं। वहीं, जल की सतह पर हायसिंथ (जलकुंभी) और एल्गल ब्लूम (शैवाल) की परत जम चुकी है, जिससे पानी की गुणवत्ता खराब हो गई है।
नागरिक संगठनों और स्थानीय निवासियों ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि GHMC को त्योहार से पहले इन जलाशयों की सफाई पूरी करनी चाहिए थी। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर निगम की लापरवाही को उजागर किया। Uppal, LB Nagar, Kukatpally, Miyapur और Charminar क्षेत्र के कई तालाब अभी भी गंदगी से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि झीलों और तालाबों की सफाई न केवल त्योहार के दृष्टिकोण से बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। गंदे पानी और शैवाल की परत से मच्छरों की संख्या बढ़ने का खतरा है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां फैल सकती हैं।
बथुकम्मा, तेलंगाना की महिलाओं का खास त्योहार है, जो नौ दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान महिलाएं फूलों से सजे बथुकम्मा को तालाबों या झीलों में विसर्जित करती हैं। इसलिए झीलों की स्वच्छता और जल की गुणवत्ता इस पर्व का अहम हिस्सा मानी जाती है।  फिलहाल, GHMC अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आने वाले दिनों में सफाई अभियान तेज किया जाएगा और त्योहार के दौरान किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष इंतज़ाम किए जाएंगे।
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