हैदराबाद। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) को लेकर देश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो नवंबर को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में आयोजित एक बड़ी पदयात्रा में शामिल होंगे। तेलंगाना भाजपा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे कथित भ्रामक प्रचार का जवाब देना बताया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को पत्रकारों से बातचीत में पदयात्रा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पदयात्रा दोपहर तीन बजे बशीरबाग स्थित निजाम कॉलेज के पास बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा से शुरू होगी और मोजमजाही चौराहे तक जाएगी। यहां अमित शाह जनसभा को संबोधित करेंगे। इस आयोजन में भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं, वकीलों, डॉक्टरों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों के शामिल होने की संभावना है।
दोपहर तीन बजे शुरू होगी अमित शाह की पदयात्रा
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो नवंबर को हैदराबाद पहुंचकर पार्टी की 'महा पदयात्रा' में हिस्सा लेंगे।कार्यक्रम के अनुसार, पदयात्रा दोपहर तीन बजे निजाम कॉलेज के सामने स्थित पूर्व उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा से शुरू होगी।इसके बाद पदयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए मोजमजाही मार्केट चौराहे तक पहुंचेगी।यहां अमित शाह लोगों को संबोधित करेंगे और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भाजपा का पक्ष रखेंगे।प्रदेश भाजपा ने इस आयोजन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और नागरिकों की भागीदारी की तैयारी की है।कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस और स्थानीय प्रशासन की ओर से सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्थाओं की तैयारी भी किए जाने की संभावना है।
पहले तय था दूसरा मार्ग, अब बदला गया रूट
भाजपा की पदयात्रा का मार्ग पहले अलग निर्धारित किया गया था।शुरुआती योजना के अनुसार, यह यात्रा टैंक बंड क्षेत्र में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा से शुरू होकर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक जानी थी।इसके लिए शाम चार बजे का समय प्रस्तावित था।हालांकि, गुरुवार, 29 अक्टूबर को भाजपा ने कार्यक्रम के मार्ग में बदलाव कर दिया।पार्टी नेताओं के अनुसार, अपेक्षित भीड़ और आयोजन की व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए नया मार्ग चुना गया।इसके बाद निजाम कॉलेज से मोजमजाही मार्केट तक पदयात्रा निकालने का निर्णय लिया गया।संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, अब पदयात्रा दोपहर तीन बजे शुरू होगी।
कांग्रेस पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रामचंदर राव ने कांग्रेस पर एसआईआर प्रक्रिया को लेकर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर लोगों में भ्रम पैदा कर रहे हैं।भाजपा का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना है।राव ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल इस प्रक्रिया को राजनीतिक विवाद का विषय बना रहे हैं।
हालांकि, कांग्रेस इन आरोपों से असहमत है।
कांग्रेस और विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटने का जोखिम हो सकता है।ऐसे में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।इन दावों का मूल्यांकन निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों, प्रक्रियाओं और संबंधित शिकायतों के आधार पर ही किया जा सकता है।
एक नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस की महारैली
अमित शाह की प्रस्तावित पदयात्रा से ठीक एक दिन पहले यानी एक नवंबर को कांग्रेस दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित करने जा रही है।कांग्रेस ने इस रैली को कथित 'वोट चोरी' और मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों के विरोध में आयोजित करने की घोषणा की है।इसमें कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के शामिल होने की योजना है।कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
वहीं, भाजपा इन आरोपों को खारिज करती रही है।
इस तरह एक और दो नवंबर को लगातार दो दिनों में एसआईआर मुद्दे पर सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम होने वाले हैं।दोनों आयोजनों के कारण मतदाता सूची के पुनरीक्षण का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा में बना हुआ है।
क्या है SIR प्रक्रिया?
एसआईआर का पूरा नाम विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision है।यह मतदाता सूची की जांच और अद्यतन करने की प्रक्रिया है, जिसे भारत निर्वाचन आयोग संचालित करता है।इसका उद्देश्य पात्र मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करना, आवश्यक सुधार करना और संबंधित नियमों के अनुसार मतदाता सूची को अद्यतन रखना है।मतदाता सूची में नाम शामिल करने, विवरण संशोधित करने और नाम हटाने के लिए अलग-अलग निर्धारित प्रक्रियाएं मौजूद हैं।किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति उठाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि उसका नाम स्वतः सूची से हटा दिया जाएगा।संबंधित निर्वाचन अधिकारियों को लागू नियमों के अनुसार प्रक्रिया का पालन करना होता है।एसआईआर पर वर्तमान राजनीतिक विवाद का प्रमुख विषय यही है कि पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित हो।
फॉर्म-7 को लेकर भी विवाद
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष ने मतदाता सूची से नाम हटाने संबंधी आपत्तियों के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-7 का भी उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट यानी बीएलए संबंधित मतदाताओं की जानकारी की जांच में भूमिका निभाते हैं।यदि किसी मतदाता की पात्रता या उसके पते को लेकर आपत्ति है, तो निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से उसे संबंधित निर्वाचन अधिकारी के सामने रखा जा सकता है।फॉर्म-7 का उपयोग मतदाता सूची में किसी नाम को शामिल करने या मौजूदा नाम को हटाने के प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज करने के लिए किया जाता है।हालांकि, किसी आपत्ति का अंतिम निपटारा निर्वाचन अधिकारी द्वारा आवश्यक प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच विवाद के बावजूद मतदाता सूची से संबंधित निर्णय कानून और चुनाव आयोग के नियमों के आधार पर ही होने चाहिए।
कर्नाटक के मंत्री के बयान का दिया हवाला
रामचंदर राव ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कर्नाटक सरकार के मंत्री सतीश जारकीहोली के बयान का भी उल्लेख किया।उन्होंने दावा किया कि जारकीहोली ने कर्नाटक में एसआईआर प्रक्रिया के संचालन का समर्थन किया है।भाजपा नेता ने इस उदाहरण के जरिए कांग्रेस के भीतर अलग-अलग राय होने की बात कही।हालांकि, कर्नाटक के मंत्री के पूरे बयान और उसके संदर्भ को देखे बिना इसे कांग्रेस के आधिकारिक राष्ट्रीय रुख में बदलाव नहीं माना जा सकता।प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यदि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने को लेकर किसी व्यक्ति को आपत्ति है, तो उसके लिए निर्धारित कानूनी व्यवस्था उपलब्ध है।
विशेष ट्रेनों को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस नेताओं द्वारा विशेष रेलगाड़ियां उपलब्ध नहीं कराए जाने के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी।तेलंगाना कांग्रेस के नेताओं ने एक नवंबर की दिल्ली रैली के लिए विशेष ट्रेनें उपलब्ध नहीं कराने को लेकर दक्षिण मध्य रेलवे के मुख्यालय के सामने प्रदर्शन किया था।रामचंदर राव ने कहा कि विशेष ट्रेन की बुकिंग के लिए रेलवे की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है।उन्होंने दावा किया कि त्योहारों के दौरान दक्षिण मध्य रेलवे लगभग एक हजार विशेष ट्रेनें संचालित कर रहा है।भाजपा ने कांग्रेस पर केंद्रीय संस्थाओं की छवि खराब करने का आरोप लगाया।हालांकि, कांग्रेस की विशेष ट्रेन संबंधी मांग पर रेलवे ने किस आधार पर निर्णय लिया, इसकी पुष्टि संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों से ही हो सकती है।
तेलंगाना के वरिष्ठ भाजपा नेता होंगे शामिल
पदयात्रा में अमित शाह के अलावा तेलंगाना भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी प्रस्तावित है।इनमें केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार, भाजपा विधायक दल के नेता एलेटी महेश्वर रेड्डी सहित अन्य सांसद और विधायक शामिल हो सकते हैं।पार्टी ने प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की है।इसके अतिरिक्त डॉक्टरों, वकीलों और विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों से जुड़े लोगों को भी आमंत्रित किए जाने की जानकारी दी गई है।भाजपा ने इस अभियान को 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' नाम दिया है।यह पार्टी के अभियान का नारा है, जबकि कांग्रेस अपनी रैली में मतदाता अधिकारों और कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठा रही है।
SIR को लेकर आगे भी जारी रहेगी राजनीतिक चर्चा
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी विवाद फिलहाल समाप्त होता नहीं दिख रहा है।भाजपा जहां एसआईआर के समर्थन में जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित कर रही है, वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल प्रक्रिया से जुड़े सवालों को सार्वजनिक मंचों पर उठा रहे हैं।अमित शाह की दो नवंबर की पदयात्रा इसी राजनीतिक विमर्श का एक हिस्सा होगी।इस दौरान गृह मंत्री के संबोधन में मतदाता सूची, चुनावी प्रक्रिया और विपक्ष के आरोपों से संबंधित मुद्दे प्रमुखता से उठ सकते हैं।हालांकि, कार्यक्रम में दिए जाने वाले वास्तविक बयानों की पुष्टि उसके संपन्न होने के बाद ही होगी।
Tags: