Telangana तेलंगाना: नलगोंडा जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां SSC पब्लिक एग्जाम के परिणाम घोषित होने से कुछ घंटे पहले 15 वर्षीय छात्र की एक हादसे में मौत हो गई। बाद में जब रिजल्ट जारी हुआ तो वह 470 अंकों के साथ परीक्षा में पास घोषित हुआ। यह घटना नकरेकल मंडल के मरूर गांव की है।
मृतक छात्र की पहचान मन्नेम जेशवंत के रूप में हुई है। वह मार्च में आयोजित SSC पब्लिक एग्जाम में शामिल हुआ था और परिणाम का इंतजार कर रहा था। परिवार और गांव के लोग भी उसके रिजल्ट को लेकर उत्साहित थे, लेकिन उसी दिन सुबह एक दुखद हादसे ने पूरे गांव को शोक में डाल दिया।
पुलिस के अनुसार, बुधवार सुबह जेशवंत अपने परिवार के ट्रैक्टर में तकनीकी खराबी को ठीक करने की कोशिश कर रहे थे। ट्रैक्टर की बैटरी का कनेक्शन ढीला था, जिसे वह सुधारने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर आगे बढ़ गया और जेशवंत उसके नीचे आ गए। इस हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद परिवार में मातम पसर गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन और ग्रामीण इस अचानक हुए हादसे से सदमे में हैं। बताया जा रहा है कि जेशवंत पढ़ाई में अच्छे छात्र थे और उन्होंने परीक्षा को लेकर काफी मेहनत की थी।
कुछ ही घंटों बाद जब SSC पब्लिक एग्जाम के परिणाम घोषित किए गए, तो जेशवंत को कुल 470 अंक प्राप्त हुए और वह सभी विषयों में 60 से अधिक अंक के साथ सफल घोषित हुए। यह खबर परिवार तक पहुंची तो दुख और गहरा हो गया, क्योंकि खुशी का यह पल अब सिर्फ एक स्मृति बनकर रह गया।
गांव के लोगों ने बताया कि जेशवंत शांत स्वभाव के और मेहनती छात्र थे। वह आगे पढ़ाई करके अच्छा भविष्य बनाना चाहते थे। लेकिन किस्मत ने उन्हें यह अवसर नहीं दिया।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शुरुआती तौर पर इसे एक दुर्घटना माना जा रहा है। ट्रैक्टर की तकनीकी स्थिति और घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। एक तरफ परीक्षा में सफलता की खबर थी, तो दूसरी तरफ जीवन समाप्त होने का दुखद सच। परिवार अब इस बात से जूझ रहा है कि उनका बेटा अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उसके परिणाम का जश्न नहीं मना सका।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं ग्रामीण इलाकों में अक्सर हो जाती हैं, जहां कृषि उपकरणों के साथ काम करते समय सुरक्षा का पूरा ध्यान नहीं रखा जाता। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने की मांग की है।
यह घटना न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ा दुख है, जहां एक प्रतिभाशाली छात्र का भविष्य अचानक खत्म हो गया।