हैदराबाद: तेलंगाना हाई कोर्ट ने एक BHMS कॉलेज को निर्देश दिया है कि वह एक छात्रा की ट्यूशन फीस के तौर पर जमा किए गए 3.32 लाख रुपये वापस करे। छात्रा का एडमिशन इसलिए रद्द कर दिया गया था क्योंकि NEET में उसके नंबर तय योग्यता मानदंडों से कम थे।
जस्टिस जुववाड़ी श्रीदेवी ने डोने शबरी प्रिया की याचिका पर यह आदेश दिया। उन्हें कालोजी नारायण राव यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज (KNRUHS) ने 27 अक्टूबर, 2025 के अलॉटमेंट लेटर के ज़रिए कॉलेज में मैनेजमेंट कोटा की सीट अलॉट की थी।
याचिकाकर्ता ने ट्यूशन फीस के तौर पर 3.32 लाख रुपये जमा किए और उन्हें कोर्स में शामिल होने की अनुमति मिल गई। हालांकि, KNRUHS ने 23 जनवरी, 2026 को उनका एडमिशन रद्द कर दिया। यूनिवर्सिटी का कहना था कि उन्हें NEET में ज़रूरी 144 नंबरों के मुकाबले 128 नंबर ही मिले थे।
याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि सीट यूनिवर्सिटी ने ही अलॉट की थी। अलॉटमेंट के आधार पर कार्रवाई करने और पूरी ट्यूशन फीस जमा करने के बाद, उन्हें अधिकारियों की किसी गलती की वजह से आर्थिक नुकसान नहीं उठाना चाहिए।