हैदराबाद: तेलंगाना उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ, जिसमें कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश पी. सैम कोशी और न्यायमूर्ति सुड्डाला चलापति राव शामिल हैं, ने तीन रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इन याचिकाओं में DSC-2008 भर्ती प्रक्रिया के तहत 'सेकेंडरी ग्रेड टीचर' (SGT) के 30% पदों को 'डिप्लोमा इन एजुकेशन' (D.Ed) योग्यता वाले उम्मीदवारों के लिए आरक्षित करने को चुनौती दी गई थी।
याचिकाकर्ता, जो 'बैचलर ऑफ एजुकेशन' (B.Ed) योग्यता वाले बेरोजगार स्नातक हैं, ने भर्ती नियमों के 'नियम 7' में जोड़े गए एक प्रावधान को चुनौती दी थी। यह प्रावधान 29 जनवरी, 2009 के शिक्षा विभाग (Ser-VI) के सरकारी आदेश (GO Ms No 28) के माध्यम से जोड़ा गया था।
उन्होंने तर्क दिया कि यह संशोधन 6 दिसंबर, 2008 को DSC-2008 की अधिसूचना जारी होने के बाद किया गया था। उनका कहना था कि चयन प्रक्रिया के बीच में भर्ती की शर्तों को बदलना मनमाना और भेदभावपूर्ण है, तथा यह संविधान के अनुच्छेद 14, 16 और 21 का उल्लंघन है।