हैदराबाद। तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के नादेरगुल स्थित एमवीएसआर (MVSR) इंजीनियरिंग कॉलेज में डांडिया कार्यक्रम के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। शनिवार शाम आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में लाइटिंग के लिए लगाया गया भारी लोहे का ढांचा अचानक छात्रों पर गिर पड़ा। हादसे में दो छात्राओं की मौत की खबर सामने आई है, जबकि कई अन्य विद्यार्थी घायल हुए हैं। घटना के बाद कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घायल विद्यार्थियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। रविवार को पुलिस ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि लाइटिंग का भारी स्ट्रक्चर गिरने के पीछे क्या कारण था और कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं।

डांडिया कार्यक्रम के दौरान अचानक गिरा लोहे का ढांचा

जानकारी के अनुसार, शनिवार 17 अक्टूबर की शाम एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में वार्षिक तकनीकी एवं सांस्कृतिक महोत्सव 'संगमम-2026' के तहत डांडिया कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए थे। कॉलेज परिसर में आकर्षक रोशनी और सजावट के लिए लोहे के बड़े ढांचे लगाए गए थे।

शाम करीब साढ़े सात बजे अचानक लाइटिंग का एक भारी स्ट्रक्चर नीचे गिर गया। उस समय बड़ी संख्या में विद्यार्थी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे।

लोहे का ढांचा नीचे गिरते ही वहां चीख-पुकार मच गई। कई विद्यार्थी उसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मौके पर मौजूद छात्रों और कॉलेज कर्मचारियों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

दो छात्राओं की मौत की खबर, कई घायल

रविवार दोपहर सामने आई रिपोर्ट में हादसे में दो छात्राओं की मौत की जानकारी दी गई है। हालांकि, शुरुआती पुलिस बयानों में एक छात्रा की मौत की पुष्टि हुई थी।

मृतक छात्रा की पहचान सोना नारायण दास के रूप में हुई है। वह कॉलेज में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की प्रथम वर्ष की छात्रा थी।

हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटना में सोना की बहन मीना नारायण दास के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है।

घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में 12 से 20 तक के आंकड़े सामने आए हैं। ऐसे में सभी घायलों की अंतिम संख्या और दूसरी मृतक छात्रा की पहचान की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज

इस दुर्घटना के बाद कॉलेज प्रबंधन की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

रविवार को पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि डांडिया कार्यक्रम के दौरान लाइटिंग का ढांचा गिरने की घटना को लेकर एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, घटना की जांच की जा रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि लोहे का ढांचा किस तरह लगाया गया था और उसे सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए थे या नहीं।

इसके साथ ही आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था तथा लाइटिंग स्ट्रक्चर की मजबूती से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी अंतिम रूप से तय नहीं हुई है।

तेज हवा से ढांचा गिरने का दावा

कॉलेज प्रबंधन ने हादसे के पीछे अचानक चली तेज हवा को संभावित कारण बताया है।

कॉलेज के निदेशक प्रसन्न कुमार के अनुसार, तेज हवा चलने के कारण लाइटिंग का ढांचा गिर गया। उन्होंने बताया कि घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई थी।

हालांकि, केवल तेज हवा को दुर्घटना का अंतिम कारण नहीं माना जा सकता। पुलिस की जांच में यह भी देखा जाएगा कि ढांचे को किस तरह स्थापित किया गया था और क्या वह मौसम की परिस्थितियों को सहन करने के लिए पर्याप्त सुरक्षित था।

इससे कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी सवाल उठे हैं।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने जताया दुख

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कॉलेज परिसर में हुए इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

उन्होंने मृतक छात्राओं के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायल विद्यार्थियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

उन्होंने घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने देने पर जोर दिया।

बीआरएस नेता केटीआर ने भी जताया शोक

भारत राष्ट्र समिति के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है।

उन्होंने मृतक छात्राओं के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

उन्होंने घायल विद्यार्थियों के बेहतर उपचार की आवश्यकता पर जोर दिया।

वहीं, भाजपा नेता अंदेला श्रीरामुलु यादव ने कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, लापरवाही से जुड़े आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

आयोजन में मौजूद थे सैकड़ों विद्यार्थी

जानकारी के मुताबिक, डांडिया कार्यक्रम के दौरान कॉलेज परिसर में 600 से अधिक लोग मौजूद थे।

बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति के बीच भारी लोहे का ढांचा गिरने से गंभीर स्थिति पैदा हो गई।

कार्यक्रम में रोशनी के लिए लगाए गए ढांचे का वजन और उसकी ऊंचाई कितनी थी, इसकी तकनीकी जांच महत्वपूर्ण होगी।

साथ ही यह भी देखा जाना आवश्यक है कि आयोजन से पहले संरचना की सुरक्षा जांच की गई थी या नहीं।

पुलिस के मुताबिक, बड़ी भीड़ वाले इस कार्यक्रम के संबंध में आयोजनकर्ताओं ने पहले से पुलिस को सूचना नहीं दी थी।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुरक्षा पर उठे सवाल

डांडिया और अन्य सांस्कृतिक आयोजनों में सजावट, लाइटिंग और मंच निर्माण के लिए लोहे की अस्थायी संरचनाओं का इस्तेमाल किया जाता है।

ऐसी संरचनाओं को सुरक्षित तरीके से स्थापित करना बेहद जरूरी होता है। विशेष रूप से खुले मैदानों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान तेज हवा और बदलते मौसम को ध्यान में रखना आवश्यक है।

भारी लोहे के ढांचे के गिरने से गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है। इसलिए कार्यक्रम शुरू होने से पहले सुरक्षा जांच और आपातकालीन व्यवस्थाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है।

नादेरगुल की घटना ने शैक्षणिक संस्थानों में बड़े सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता को सामने ला दिया है।

हादसे की विस्तृत जांच जारी

फिलहाल पुलिस एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में हुए हादसे की जांच कर रही है।

जांच में लाइटिंग स्ट्रक्चर की स्थापना, आयोजन की व्यवस्था और संभावित सुरक्षा चूक से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जाएगा।

कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद अब जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

डांडिया कार्यक्रम के दौरान हुई इस दुर्घटना ने उत्सव के माहौल को मातम में बदल दिया। घायल विद्यार्थियों का उपचार जारी है और प्रभावित परिवारों के लिए यह घटना गहरा आघात बनकर सामने आई है।

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