चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा ने शुक्रवार को वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन द्वारा पेश एक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया। इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार से आग्रह किया गया है कि वह यह सुनिश्चित करे कि राज्य को केंद्र को दिए गए करों से वित्तीय बंटवारे का उसका उचित हिस्सा मिले। यह बंटवारा राजकोषीय संघवाद, समानता और निष्पक्षता के संवैधानिक सिद्धांतों के अनुसार होना चाहिए।
सदन ने केंद्रीय करों के बंटवारे के लिए एक पारदर्शी, निष्पक्ष और न्यायसंगत तरीका अपनाने की भी मांग की। इस तरीके में राज्यों के योगदान, राजकोषीय प्रयासों, शासन के प्रदर्शन और विकास संबंधी जरूरतों को उचित महत्व दिया जाना चाहिए, साथ ही तमिलनाडु के वैध वित्तीय हितों की भी रक्षा की जानी चाहिए।
इसमें केंद्र सरकार से यह भी आग्रह किया गया कि कर बंटवारे के लिए अपनाए जाने वाले मानदंडों के कारण किसी भी राज्य को जनसंख्या स्थिरीकरण और मानव विकास में अपनी उपलब्धियों की वजह से नुकसान न उठाना पड़े।
प्रस्ताव की आवश्यकता बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की कुल जनसंख्या में तमिलनाडु की हिस्सेदारी केवल 6% के आसपास है, फिर भी राज्य ने विनिर्माण, निर्यात, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण में लगातार निवेश के माध्यम से देश की जीडीपी में 9% से अधिक का योगदान दिया है।