चेन्नई: वामपंथी पार्टियों ने मदुरंतकम (SC) और धारापुरम (SC) विधानसभा क्षेत्रों में 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में ज़ोरदार प्रचार करने का फ़ैसला किया है, क्योंकि लंबे समय बाद वे किसी बड़ी राजनीतिक पार्टी के साथ गठबंधन किए बिना चुनाव लड़ रही हैं।
CPM ने मदुरंतकम से पी. सुगंथी को और CPI ने धारापुरम से पी. लक्ष्मणन को उम्मीदवार बनाया है। दोनों उम्मीदवार जनता और दलितों से जुड़े मुद्दों पर विरोध प्रदर्शनों और अभियानों में शामिल रहे हैं।
CPI के राज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने कहा, "हमारे अभियान का विषय है 'लोगों से मिलें और उन्हें वामपंथी विचारधारा की ओर लाएं'। हम लोगों को समझाएंगे कि वामपंथी पार्टियां उनके सामने आ रही अहम समस्याओं का समाधान दे सकती हैं।"
CPI की योजना धारापुरम के सभी 320 पोलिंग बूथों पर कम से कम चार नुक्कड़ सभाएं करने की है। पार्टी 1,000 से ज़्यादा नुक्कड़ सभाएं आयोजित करने और लगभग 30,000 मतदाताओं तक पहुंचने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, "हमारा मुख्य ध्यान लोगों से सीधे मिलने पर है।"
उन्होंने कहा, "हम तमिलनाडु की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, लोगों को प्रभावित करने वाले मुद्दों और उन्हें वामपंथी उम्मीदवारों का समर्थन क्यों करना चाहिए, इस बारे में बताएंगे।" राज्य के अलग-अलग हिस्सों से CPI कार्यकर्ता पहले ही धारापुरम पहुंच चुके हैं, जबकि पार्टी के सांस्कृतिक विंग से जुड़े लोक गायकों समेत लोक कलाकार भी अभियान में हिस्सा ले रहे हैं।
CPM के राज्य सचिव पी. शनमुगम ने कहा कि पार्टी मदुरंतकम में भी मतदाताओं के साथ सीधे बातचीत पर ध्यान देगी।
उन्होंने कहा, "लोगों से मिलना हमारा मुख्य लक्ष्य है। हम उनसे सीधे बात करेंगे, उन्हें प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाएंगे और इन समस्याओं के कारणों और संभावित समाधानों के बारे में बताएंगे।" शनमुगम ने बताया कि मदुरंतकम में प्रचार करने के लिए राज्य स्तर के लगभग 30 नेताओं के आने की उम्मीद है, जिनमें के. बालकृष्णन, जी. रामकृष्णन और टी.के. रंगराजन जैसे पूर्व सांसद और विधायक, साथ ही मौजूदा विधायक और सांसद शामिल हैं।
मदुरंतकम अभियान के प्रभारी कन्नन ने कहा, "उत्तरी ज़िलों से CPM के सैकड़ों पदाधिकारी पहले ही मदुरंतकम पहुंच चुके हैं और अपने-अपने इलाकों में प्रचार शुरू कर चुके हैं।" लोक कलाकार भी अभियान का हिस्सा होंगे। 'पुडुगई भूबलम' लोक कला मंडली चलाने वाले के. प्रगधीश्वरन ने कहा कि लोगों की समस्याओं को उजागर करने के लिए राजनीतिक व्यंग्य और जागरूकता फैलाने वाले गीतों का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रगधीश्वरन ने आगे कहा कि इस अभियान में अन्य लोक कला मंडलियां भी हिस्सा लेंगी।