CHENNAI.चेन्नई: तमिलनाडु पर्यटन एवं जल संसाधन विभाग ने नवीनतम पर्यटन गतिविधियों को शुरू करने के लिए मेट्टूर, वैगई और भवानी सागर जलाशयों सहित छह बांध स्थलों को चुना है। इस परियोजना का उद्देश्य जलाशय परिभ्रमण, नौका विहार, जल क्रीड़ा, साहसिक खेल, रेस्टोरेंट और रिसॉर्ट सहित विविध पर्यटन को विकसित करना है। अन्य बांध अमरावती, अलियार और कृष्णगिरि हैं। तमिलनाडु पर्यटन विकास निगम (टीटीडीसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "प्रस्तावित गतिविधियों से तमिलनाडु जल संसाधन विभाग के लिए बढ़ी हुई वित्तीय सहायता और राजस्व साझेदारी के माध्यम से बांध रखरखाव के लिए स्थायी धन जुटाया जाएगा।"
उन्होंने बताया कि सलाहकारों से एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) मांगी गई है। डीपीआर के दायरे में स्थल अध्ययन, स्थल सर्वेक्षण, भू-तकनीकी सर्वेक्षण, स्थलाकृति सर्वेक्षण, बुनियादी ढांचे का आकलन और पर्यटन उत्पाद मिश्रण निर्माण शामिल होगा। बांध स्थलों पर वर्तमान में विभिन्न पर्यटन गतिविधियों के जारी रहने का उल्लेख करते हुए, टीटीडीसी अधिकारी ने कहा कि डीपीआर में स्थलों और उसके आसपास के क्षेत्रों की नवीनतम पर्यटन क्षमता का संपूर्ण अध्ययन और आकलन शामिल होगा और तकनीकी रूप से व्यवहार्य तथा वित्तीय रूप से विश्वसनीय पर्यटन हस्तक्षेपों की पहचान और प्रस्ताव किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा, "प्रस्तावित परियोजना न केवल राजस्व के स्रोत पैदा करेगी, जिससे बांध अपने संचालन और रखरखाव के खर्चों के प्रबंधन के लिए वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बन सकेगा, बल्कि यह योजना अद्वितीय, अत्याधुनिक पर्यटन स्थल को बढ़ावा देगी और विकसित करेगी जो एक विशिष्ट, समृद्ध, मनोरंजक और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन अनुभव प्रदान करेगा।" टीटीडीसी अधिकारी ने बताया कि डीपीआर में सार्वजनिक-निजी भागीदारी की संभावनाओं का भी पता लगाया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, "क्षेत्र में सड़क नेटवर्क, रेलवे स्टेशन और हवाई पट्टी व हवाई अड्डों से संपर्क जैसे संपर्क का आकलन और बाधाओं की पहचान भी डीपीआर का हिस्सा होगी।" अधिकारी ने कहा कि डीपीआर साल के अंत तक तैयार हो जाएगी और इसे राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों से मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
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