Tamil Nadu : खाद की कीमत बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ी, खेती की लागत पर दबाव

Update: 2026-06-01 08:15 GMT

Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु में फर्टिलाइज़र (खाद) की हालिया कीमत बढ़ोतरी को लेकर किसानों ने चिंता जताई है। किसानों का कहना है कि इस बढ़ोतरी से खेती की लागत और बढ़ जाएगी, जबकि पहले से ही बीज, मजदूरी और अन्य खर्चों का दबाव काफी ज्यादा है।

किसान संगठनों और कृषि से जुड़े समूहों ने कहा है कि खेती की लागत पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ रही है। इसमें बीज की कीमत, मजदूरी दर, सिंचाई खर्च, मशीनरी किराया और अन्य कृषि सामग्री की लागत शामिल है। इन सभी कारणों से किसानों पर आर्थिक बोझ पहले ही बढ़ा हुआ है।

अब फर्टिलाइज़र की कीमतों में वृद्धि ने स्थिति को और कठिन बना दिया है। किसानों का कहना है कि फसल उत्पादन के लिए जरूरी इनपुट महंगे होने से उनकी कुल लागत में प्रति एकड़ हजारों रुपये का अतिरिक्त बोझ जुड़ सकता है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में किसानों को पहले ही सीमित आय और अनिश्चित बाजार भाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इनपुट लागत बढ़ने से उनका लाभ मार्जिन और कम हो सकता है।

किसानों ने यह भी कहा कि फाइनेंसिंग और सरकारी सहायता योजनाओं के बावजूद उन्हें पर्याप्त आर्थिक राहत नहीं मिल रही है। कई किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं, और बढ़ती लागत उनके कर्ज के बोझ को और बढ़ा सकती है।

खेती से जुड़े संगठनों ने सरकार से मांग की है कि फर्टिलाइज़र की कीमतों पर नियंत्रण रखा जाए और किसानों को सब्सिडी या राहत पैकेज दिया जाए, ताकि उनकी उत्पादन क्षमता प्रभावित न हो।

तमिलनाडु में धान, गन्ना और अन्य प्रमुख फसलों की खेती बड़े पैमाने पर होती है, और इन फसलों के लिए फर्टिलाइज़र एक जरूरी इनपुट माना जाता है। ऐसे में कीमत बढ़ोतरी का सीधा असर खेती की लागत और किसानों की आय पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

कुल मिलाकर, किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर इनपुट लागत इसी तरह बढ़ती रही तो खेती का व्यवसाय और मुश्किल हो सकता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

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