चेन्नई: तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में पटाखा बनाने वाली एक यूनिट में हुए भीषण धमाके में दो लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द राहत राशि उपलब्ध कराई जाए।
यह हादसा गुरुवार को विरुधुनगर जिले के शिवकाशी तालुक में स्थित एक निजी पटाखा निर्माण इकाई में हुआ। धमाके के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में काम कर रहे दो लोगों की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, धमाके में घायल हुए एक कर्मचारी बालमुरुगन (41) को गंभीर हालत में शिवकाशी सरकारी अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
हादसे में एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हुई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया और घटनास्थल की जांच की गई।
पटाखा निर्माण इकाइयों के लिए शिवकाशी क्षेत्र देशभर में जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में पटाखा बनाने वाली फैक्ट्रियां संचालित होती हैं। हालांकि, समय-समय पर इन इकाइयों में होने वाले हादसे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते रहे हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, धमाका पटाखा निर्माण प्रक्रिया के दौरान हुआ। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विस्फोट किस कारण हुआ और क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सरकार की ओर से दी जाने वाली 4 लाख रुपये की सहायता राशि का उद्देश्य हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों को तत्काल आर्थिक मदद उपलब्ध कराना है।
घटना के बाद पटाखा यूनिटों में सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि पटाखा निर्माण बेहद संवेदनशील कार्य है और इसमें सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।
पटाखा उद्योग में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए नियमित निरीक्षण, प्रशिक्षण और आपातकालीन व्यवस्था जरूरी होती है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि पटाखा निर्माण इकाइयों की नियमित जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस और प्रशासन की टीम हादसे की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों ने बताया कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शिवकाशी में इससे पहले भी पटाखा फैक्ट्रियों में कई हादसे हो चुके हैं। ऐसे हादसों के बाद प्रशासन की ओर से सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के निर्देश दिए जाते रहे हैं।
फिलहाल इस हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है। मुख्यमंत्री की ओर से सहायता राशि की घोषणा के बाद प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।