चेन्नई: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT-M) ने बुधवार को 'उद्योग' (UDYOG - Upskilling and Development for YOung Graduates) नाम का एक 'फिनिशिंग स्कूल' शुरू किया है। यह प्रोग्राम बायोटेक्नोलॉजी और बायोमैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की जरूरतों के हिसाब से बायोटेक्नोलॉजी ग्रेजुएट्स को व्यावहारिक कौशल (practical skills) सिखाने के लिए बनाया गया है। IIT-M के निदेशक वी. कामाकोटी द्वारा शुरू किए गए इस प्रोग्राम में ऑनलाइन कोर्स, गहन प्रयोगशाला प्रशिक्षण (laboratory training), पायलट-स्केल अनुभव और इंडस्ट्री इंटर्नशिप शामिल हैं। इसका मकसद एकेडमिक पढ़ाई और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच के अंतर को कम करना है।

IIT-M-TICEL बायोफाउंड्री के 'सिनबायोएम' (SynBioME) के जरिए शुरू की गई यह पहल, पूरे भारत के बायोटेक्नोलॉजी और उससे जुड़े विषयों के BTech, MTech और MSc छात्रों (जो अपने कोर्स के अंतिम या उससे ठीक पहले वाले वर्ष में हैं) के लिए है। इसका पहला बैच 18 जनवरी 2027 से शुरू होगा, और 'अर्ली-बर्ड' रजिस्ट्रेशन 15 दिसंबर 2026 को बंद हो जाएंगे। प्रो. कामाकोटी ने कहा, "AI का एक मतलब 'एकेडेमिया-इंडस्ट्री' (शिक्षा और उद्योग) भी है। आज के आधुनिक दौर में प्रासंगिक बने रहने के लिए, विज्ञान और इंजीनियरिंग के हर क्षेत्र के लिए इस 'AI' (एकेडेमिया-इंडस्ट्री) पर ध्यान देना बहुत जरूरी हो गया है। 'उद्योग' (UDYOG) इसी दिशा में IIT-M की एक और पहल है।" यह फिनिशिंग स्कूल छात्रों को उनकी एकेडमिक पढ़ाई के साथ-साथ इंडस्ट्री के लिए जरूरी ट्रेनिंग और वास्तविक बायोमैन्युफैक्चरिंग प्रक्रियाओं का अनुभव प्रदान करेगा। इच्छुक छात्र https://code.iitm.ac.in/iitm-ticel-biofoundry-finishing-school पर जाकर अपनी रुचि दर्ज (expression of interest) करा सकते हैं।

Tags: