चेन्नई। गुजरात में निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट (VGGS) 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के ताज कोरोमंडल होटल में एक विशेष रोडशो आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गुजरात और तमिलनाडु की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश की संभावनाओं, तकनीकी साझेदारी और विनिर्माण क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। रोडशो में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
गुजरात और तमिलनाडु के बीच औद्योगिक सहयोग पर जोर
कार्यक्रम के दौरान दोनों राज्यों की औद्योगिक खूबियों और कारोबारी संभावनाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। गुजरात सरकार का उद्देश्य तमिलनाडु की प्रमुख कंपनियों को निवेश के नए अवसरों से परिचित कराना और दोनों राज्यों के बीच कारोबारी संबंधों को मजबूत करना है।अधिकारियों ने बताया कि गुजरात विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। वहीं, तमिलनाडु ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।ऐसे में दोनों राज्यों के बीच सहयोग से उत्पादन, तकनीकी नवाचार और औद्योगिक विस्तार की नई संभावनाएं विकसित हो सकती हैं।
21 प्रमुख कंपनियों और संस्थानों के साथ बैठक
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, रोडशो से पहले गुजरात सरकार की महिला एवं बाल कल्याण राज्य मंत्री मनीषा वकील ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चेन्नई में 21 प्रमुख कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।इनमें राणे (मद्रास) लिमिटेड, अशोक लीलैंड लिमिटेड, सेंट-गोबेन, कैविनकेयर, जेके फेनर इंडिया लिमिटेड, ईआईडी पैरी लिमिटेड, डैनफॉस और कोने एलेवेटर इंडिया जैसी कंपनियां शामिल थीं।इसके अलावा फ्यूसो ग्लास इंडिया, फ्लोसिल-बीईटी कोटिंग्स, पॉन प्योर केमिकल इंडिया, जीएच इंडक्शन इंडिया, केएलए और सैलकॉम्प मैन्युफैक्चरिंग इंडिया के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की गई।बैठकों में औद्योगिक निवेश, उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई तकनीकों को अपनाने और संभावित साझेदारियों के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए गए।
अंतरिक्ष और तकनीकी क्षेत्र की कंपनियां भी शामिल
रोडशो से पहले हुई बैठकों में उभरती तकनीकों और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों तथा संस्थानों ने भी हिस्सा लिया।इनमें आईआईटी मद्रास प्रवर्तक, अग्निकुल कॉसमॉस, ऑर्बिटएड एयरोस्पेस, टेकीनो और कॉस्मिक कंप्लायंस टेस्ट लैब के प्रतिनिधि शामिल थे।इन संस्थानों की भागीदारी से अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में संभावित सहयोग पर चर्चा का अवसर मिला।अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक औद्योगिक विकास में अनुसंधान और नई तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच साझेदारी से उद्योगों को नई दिशा मिल सकती है।
होटल और अन्य क्षेत्रों की कंपनियों से भी बातचीत
गुजरात सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने जीआरटी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स तथा राजहंस इम्पेक्स सहित अन्य संस्थानों से भी चर्चा की।इन बैठकों का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों को गुजरात की औद्योगिक क्षमताओं से परिचित कराना और संभावित निवेश साझेदारियों के लिए संवाद बढ़ाना था।सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, कंपनियों के प्रतिनिधियों ने निवेश, तकनीकी सहयोग और विनिर्माण क्षेत्र में अवसरों को लेकर अपने विचार साझा किए। हालांकि, इन बैठकों में किसी निश्चित निवेश राशि या अंतिम समझौते की घोषणा की जानकारी नहीं दी गई।
जनवरी 2027 में होगा वैश्विक निवेश सम्मेलन
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 का आयोजन 10 से 12 जनवरी 2027 तक गांधीनगर के महात्मा मंदिर कन्वेंशन एंड एग्जिबिशन सेंटर में निर्धारित है।सम्मेलन से पहले देश और विदेश के विभिन्न शहरों में रोडशो आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि निवेशकों, उद्योगपतियों और संस्थागत प्रतिनिधियों को गुजरात में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों से परिचित कराया जा सके।
निवेश और रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद
चेन्नई रोडशो के जरिए गुजरात सरकार ने तमिलनाडु के प्रमुख उद्योग समूहों के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने की पहल की हैविशेषज्ञों के अनुसार, दोनों राज्यों के बीच तकनीकी साझेदारी और औद्योगिक निवेश बढ़ने से नए उद्यमों, आपूर्ति श्रृंखलाओं और रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहन मिल सकता है।गुजरात सरकार को उम्मीद है कि इस तरह की बैठकों से आगामी वैश्विक निवेश सम्मेलन में औद्योगिक भागीदारी बढ़ेगी और भविष्य में ठोस निवेश प्रस्ताव सामने आएंगे।
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