चेन्नई: क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) ने रविवार को बताया कि चेन्नई और इसके आस-पास के जिलों में भारी बारिश हुई है, जो उत्तर-पूर्वी मानसून की पहली लहर है। शनिवार रात शहर के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में पानी भर गया और यातायात बाधित हुआ।

सबसे पहले उत्तर चेन्नई में इसका असर दिखा, जहां एक घंटे से भी कम समय में 6 सेमी से 10 सेमी तक बारिश दर्ज की गई।

कांचिपुरम जिले के उथिरामेरुर में पिछले 24 घंटों (शनिवार शाम 5.30 बजे तक) में सबसे ज्यादा 15 सेमी बारिश हुई। इसी दौरान कल्लाकुरिची के मनलुरपेट में 12 सेमी बारिश दर्ज की गई।

RMC और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पुष्टि की है कि उत्तर-पूर्वी मानसून अब सक्रिय चरण में आ गया है।

यह भारी बारिश उत्तरी तमिलनाडु और तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और लक्षद्वीप से लेकर दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक बनी एक ट्रफ (हवा का कम दबाव वाला क्षेत्र) के कारण हुई है।

IMD ने चेन्नई, तिरुवल्लुर, चेंगलपट्टू, कांचिपुरम, कुड्डालोर और तिरुचि सहित 17 जिलों के लिए 23 अक्टूबर तक 'येलो अलर्ट' जारी किया है।

'येलो अलर्ट' का मतलब है कि इन इलाकों में 6 सेमी से 11 सेमी तक भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि चेन्नई, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लुर, कांचिपुरम, विल्लुपुरम, कुड्डालोर, मयिलादुथुराई, नागपट्टिनम, तंजावुर, तिरुवरुर, पुदुकोट्टई, रामनाथपुरम, शिवगंगा, थूथुकुडी, कल्लाकुरिची, अरियालुर, पेरम्बलुर, तिरुचिरापल्ली, नीलगिरी, कोयंबटूर और तिरुनेलवेली जैसे कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा।

इसके अलावा, पुडुचेरी और कराईकल में भी बारिश होने की संभावना है।

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