Tamil Nadu : मंदिर प्रशासन में सेवा भावना पर जोर, सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देश

Update: 2026-05-23 03:52 GMT

Tamil Nadu तमिलनाडु: चेन्नई में हिंदू धार्मिक बंदोबस्ती विभाग के मंत्री सी. रमेश ने विभाग के अधिकारियों और मंदिर कर्मचारियों को सेवा भावना के साथ कार्य करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बड़े अधिकारियों से लेकर मंदिरों में कार्यरत कर्मचारियों तक सभी को अपनी जिम्मेदारियों को श्रद्धा और समर्पण के साथ निभाना चाहिए, ताकि भक्तों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और धार्मिक संस्थानों का संचालन पारदर्शी तरीके से हो सके।

यह समीक्षा बैठक शुक्रवार को Nungambakkam स्थित कमीशन कार्यालय में आयोजित की गई। इस दौरान मंत्री ने हिंदू धार्मिक बंदोबस्ती विभाग के अंतर्गत चल रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स और गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मंदिरों के जीर्णोद्धार कार्य, भक्तों के लिए सुविधाओं में सुधार, मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया और विभागीय कल्याण योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

मंत्री सी. रमेश ने अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य एक मजबूत, भरोसेमंद और पारदर्शी प्रशासन स्थापित करना है, जिसे सभी को मिलकर आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग के सभी स्तरों पर कार्य करने वाले लोगों को सेवा भाव के साथ काम करना चाहिए, जिससे मंदिरों की परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रह सके।

बैठक के दौरान उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विभाग द्वारा चलाए जा रहे सभी विकास कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह की समीक्षा बैठकें समय-समय पर आयोजित की जाएंगी, ताकि योजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सके और किसी भी प्रकार की कमी को समय रहते दूर किया जा सके।

मंत्री ने अधिकारियों को यह भी सलाह दी कि वे अपने कार्यों में पूरी पारदर्शिता और समर्पण रखें, जिससे जनता और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि मंदिरों में आने वाले भक्तों की संतुष्टि ही विभाग की सबसे बड़ी सफलता होनी चाहिए।

इस दौरान विभागीय योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने, कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों को मजबूत करने और मंदिरों के रखरखाव को आधुनिक तरीकों से बेहतर बनाने पर भी चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करें और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार धार्मिक संस्थानों के विकास और संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए सभी स्तरों पर सहयोग आवश्यक है। मंत्री ने उम्मीद जताई कि सभी अधिकारी और कर्मचारी मिलकर कार्य करेंगे और विभाग को एक आदर्श प्रशासनिक इकाई के रूप में स्थापित करेंगे।

बैठक के अंत में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा के साथ निभाएं और यह सुनिश्चित करें कि मंदिरों से जुड़ी सभी सेवाएं भक्तों तक सुचारू रूप से पहुंचें।

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