Stalin का बयान: सरकार की आलोचना जारी रखने की बात

Update: 2026-06-14 03:57 GMT

Tamil Nadu तमिलनाडु: DMK अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कहा है कि राज्य के अधिकारों से जुड़े किसी भी मुद्दे पर, जिसमें NEET से छूट की मांग भी शामिल है, सरकार तभी ठोस कदम उठा सकती है जब वह DMK के रुख का पालन करे। उन्होंने यह बयान शनिवार को चेन्नई स्थित अन्ना अरिवलयम में आयोजित DMK महिला विंग की सलाहकार बैठक में दिया।

बैठक को संबोधित करते हुए स्टालिन ने कहा कि उन्होंने पहले भी यह सवाल उठाया था कि क्या मौजूदा सरकार बिना किसी आलोचना के छह महीने भी काम कर पाएगी। उनके अनुसार, इस टिप्पणी के बाद कुछ लोगों ने यह अफवाह फैलानी शुरू कर दी कि DMK सरकार को गिराने की साजिश कर रही है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि DMK एक जिम्मेदार और सतर्क विपक्षी पार्टी के रूप में अपनी भूमिका निभा रही है और आगे भी मजबूती से निभाती रहेगी।

स्टालिन ने कहा कि विपक्ष का काम सरकार की गलतियों को उजागर करना होता है और DMK इसी जिम्मेदारी को निभा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का उद्देश्य जनता के हितों और राज्य के अधिकारों की रक्षा करना है, न कि किसी राजनीतिक अस्थिरता को बढ़ावा देना।

अपने संबोधन में उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए। स्टालिन ने कहा कि क्या महिलाओं के खिलाफ बढ़ रही हिंसा, यौन अपराध और हत्याओं पर सरकार की आलोचना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि ऐसी गंभीर घटनाओं पर चुप रहना उचित नहीं है और विपक्ष का कर्तव्य है कि वह इन मुद्दों को जनता के सामने रखे।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को अपने चुनावी वादों को पूरा करने के लिए समय दिया जा सकता है, लेकिन जब बात नागरिकों की सुरक्षा और बुनियादी अधिकारों की आती है तो उस पर सवाल उठाना जरूरी है। स्टालिन ने जोर देकर कहा कि जनता की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

बैठक में DMK महिला विंग की भूमिका पर भी चर्चा की गई और संगठन को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। पार्टी नेतृत्व ने कहा कि महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा और राज्य में उनके अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाई जाएगी।

इस बयान को तमिलनाडु की राजनीति में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जारी टकराव के एक और संकेत के रूप में देखा जा रहा है। DMK नेतृत्व का कहना है कि वह हर उस मुद्दे पर सरकार को घेरता रहेगा, जो जनता के हितों और राज्य के अधिकारों से जुड़ा होगा।

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