वेल्लोर : तमिलनाडु के वेल्लोर जिले से गुजरने वाले चेन्नई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक ही रात में सात अलग-अलग सड़क हादसे होने से हड़कंप मच गया। इन दुर्घटनाओं में एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। लगातार हो रहे हादसों के बाद हाईवे पेट्रोल पुलिस ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और रात के समय विशेष सतर्कता के साथ वाहन चलाने की अपील की है।
सबसे गंभीर हादसा विरिंचीपुरम थाना क्षेत्र के पोइगई मेट्टूर गांव के रहने वाले 30 वर्षीय किसान दिनेश के साथ हुआ। जानकारी के अनुसार, दिनेश मंगलवार सुबह अपने खेत में उगाई गई सब्जियों के तीन बैग लेकर दोपहिया वाहन से वेल्लोर मंडी के लिए निकले थे। रोज़ की तरह वह सब्जियां बेचने के उद्देश्य से चेन्नई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर जा रहे थे।
जब दिनेश अजीपुरा क्षेत्र के पास पहुंचे, तभी तेज रफ्तार से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दिनेश सड़क पर दूर जा गिरे और उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन रोकने के बजाय मौके से फरार हो गया।
राहगीरों ने तुरंत घटना की सूचना हाईवे पेट्रोल पुलिस और स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल किसान को देखा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया। विरिंचीपुरम पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फरार वाहन की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
दिनेश की मौत से उनके परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों ने बताया कि दिनेश खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे और प्रतिदिन खेतों में उगाई गई सब्जियां स्थानीय बाजार में बेचने जाते थे। परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इसी रात चेन्नई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक और बड़ा हादसा टल गया। बेंगलुरु से चेन्नई जा रही एक निजी यात्री बस, जिसमें 50 से अधिक यात्री सवार थे, वेल्लोर के वल्लालर क्षेत्र के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद बस सड़क किनारे लगे सुरक्षा बैरियर से टकरा गई।
हादसे में बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई। घटना के बाद यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाद में दूसरे वाहन की व्यवस्था कर यात्रियों को उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। सथुवाचारी पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
इसके अलावा आधी रात के समय वेल्लोर के ग्रीन सर्कल क्षेत्र में दो कारों की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर के कारण दोनों वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा। हालांकि इस दुर्घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात सामान्य कराया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक चेन्नई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुल सात अलग-अलग सड़क हादसे दर्ज किए गए। इनमें अधिकांश दुर्घटनाएं तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाने और रात के समय कम दृश्यता के कारण हुईं। लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने हाईवे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
हाईवे पेट्रोल पुलिस ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे रात के समय विशेष सावधानी बरतें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें, ओवरटेक करते समय सतर्क रहें और थकान की स्थिति में वाहन न चलाएं। पुलिस ने यह भी कहा कि भारी वाहनों के चालक लेन अनुशासन का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन पर सूचना दें।
अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, गश्त बढ़ाने और सीसीटीवी निगरानी को मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है। साथ ही सड़क पर लगे संकेतक, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्डों की भी समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को कम किया जा सके।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने और दुर्घटना संभावित स्थानों पर अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।
फिलहाल किसान दिनेश की मौत के मामले में पुलिस फरार वाहन चालक की तलाश कर रही है, जबकि अन्य सड़क दुर्घटनाओं की भी अलग-अलग जांच जारी है। एक ही रात में सात हादसों ने चेन्नई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।