चेन्नई : तमिलनाडु की राजनीति और फिल्म जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता विजय की पत्नी संगीता ने उनके खिलाफ दायर की गई तलाक की याचिका वापस ले ली है। चेंगलपट्टू जिला फैमिली कोर्ट ने संगीता के अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले को बंद कर दिया। इस फैसले के साथ ही पिछले कुछ महीनों से दोनों के वैवाहिक संबंधों को लेकर चल रही कानूनी प्रक्रिया समाप्त हो गई। हालांकि, संगीता ने याचिका वापस लेने के पीछे की वजह सार्वजनिक नहीं की है और न ही मुख्यमंत्री विजय की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
जानकारी के अनुसार, विजय और संगीता पिछले कुछ समय से निजी कारणों के चलते अलग-अलग रह रहे थे। इसी दौरान संगीता ने दिसंबर में चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर की थी। मामला सामने आने के बाद यह खबर लगातार चर्चा में बनी रही, क्योंकि विजय न केवल दक्षिण भारतीय सिनेमा के बड़े अभिनेता रहे हैं, बल्कि अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में इस मामले पर राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर लोगों की नजर बनी हुई थी।
तलाक याचिका पर अब तक तीन बार सुनवाई हो चुकी थी। दोनों पक्षों की सुरक्षा और उनकी सार्वजनिक पहचान को देखते हुए अदालत ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट दे रखी थी। न्यायालय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में शामिल होने की अनुमति दी थी, जिससे कानूनी प्रक्रिया बिना किसी सुरक्षा या भीड़भाड़ की समस्या के आगे बढ़ती रही।
शुक्रवार को जब मामला एक बार फिर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ तो विजय की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत से सुनवाई आगे बढ़ाने का अनुरोध किया। वकील ने दलील दी कि मुख्यमंत्री विजय तमिलनाडु विधानसभा के चल रहे सत्र में व्यस्त हैं और उन्हें अदालत की कार्यवाही के लिए कुछ अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। दूसरी ओर, संगीता की कानूनी टीम ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुनवाई जारी रखने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले को दोपहर बाद तक स्थगित कर दिया।
दोपहर की कार्यवाही के दौरान संगीता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फैमिली कोर्ट की न्यायाधीश सुजाता के समक्ष पेश हुईं। उन्होंने करीब 15 मिनट तक अदालत के सामने अपना पक्ष रखा और स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपनी तलाक याचिका वापस लेना चाहती हैं। अदालत ने उनके बयान को रिकॉर्ड में दर्ज किया और उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए याचिका वापस लेने की अनुमति प्रदान कर दी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ चल रही वैवाहिक विवाद से जुड़ी कानूनी कार्यवाही समाप्त हो गई।
अदालत के सूत्रों के अनुसार, याचिका वापस लेने के बाद इस मामले को औपचारिक रूप से बंद कर दिया गया है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संगीता ने यह निर्णय किन परिस्थितियों में लिया। न तो संगीता और न ही विजय की ओर से इस संबंध में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया या आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया गया है। यही कारण है कि इस फैसले के पीछे की वजहों को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन किसी भी अटकल की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विजय और संगीता का वैवाहिक जीवन लगभग तीन दशक पुराना है। दोनों ने 25 अगस्त 1999 को चेन्नई में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह किया था। यह विवाह अंतरधार्मिक होने के कारण उस समय भी चर्चा का विषय बना था। शादी के बाद दोनों के परिवार में दो बच्चों का जन्म हुआ। उनके बेटे का जन्म 26 अगस्त 2000 को हुआ, जबकि वर्ष 2005 में उनकी बेटी का जन्म हुआ। लंबे समय तक दोनों सार्वजनिक कार्यक्रमों में साथ दिखाई देते रहे और उन्हें दक्षिण भारत के चर्चित सेलिब्रिटी दंपतियों में गिना जाता था।
हाल के महीनों में जब दोनों के अलग रहने और तलाक की प्रक्रिया शुरू होने की खबरें सामने आईं तो उनके प्रशंसकों के बीच भी कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि, अब याचिका वापस लिए जाने के बाद कानूनी विवाद समाप्त हो गया है। इससे यह स्पष्ट है कि फिलहाल अदालत में दोनों के बीच कोई वैवाहिक मुकदमा लंबित नहीं रहेगा।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजर इस बात पर है कि क्या भविष्य में विजय या संगीता इस फैसले को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी करेंगे। जब तक दोनों पक्षों की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आती, तब तक तलाक याचिका वापस लेने के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो पाएगी। लेकिन अदालत द्वारा मामला बंद किए जाने के साथ ही यह कानूनी अध्याय फिलहाल समाप्त हो गया है।