तिरुचिरापल्ली। तमिलनाडु में सरकारी रेत खदानों को दोबारा खोलने की मांग को लेकर शुक्रवार को बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। तिरुचिरापल्ली स्थित लोक निर्माण विभाग (PWD) कार्यालय के सामने 500 से अधिक रेत ढोने वाले ट्रकों के मालिकों और ड्राइवरों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से मांग की कि पूरे तमिलनाडु में सरकार द्वारा संचालित रेत खदानों को तत्काल फिर से खोला जाए, ताकि रेत परिवहन से जुड़े लोगों का कारोबार सामान्य रूप से चल सके।यह विरोध प्रदर्शन तमिलनाडु सैंड लॉरी ओनर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ट्रक मालिक और चालक PWD कार्यालय के सामने एकत्र हुए। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई और सरकार से इस मुद्दे पर तत्काल निर्णय लेने की अपील की।
सरकारी रेत खदानें फिर से खोलने की मांग
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग तमिलनाडु में सरकार द्वारा संचालित रेत खदानों को दोबारा शुरू करने की थी। उनका कहना है कि रेत खदानों का संचालन बंद रहने से रेत परिवहन से जुड़ी गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।ट्रक मालिकों और ड्राइवरों ने सरकार से इस समस्या का जल्द समाधान निकालने की मांग की। उनका कहना था कि रेत की उपलब्धता और परिवहन व्यवस्था सामान्य होने से इस कारोबार से जुड़े लोगों को राहत मिल सकेगी।प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार इस मामले में स्पष्ट निर्णय लेकर रेत खदानों का संचालन फिर से शुरू करने की दिशा में कदम उठाए।
अधिकारियों से बातचीत नहीं होने पर बढ़ा तनाव
विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब कथित तौर पर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को संबंधित अधिकारियों के साथ बातचीत करने की अनुमति नहीं दी गई।जानकारी के अनुसार, संगठन के प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों से चर्चा करना चाहते थे। हालांकि, बातचीत की अनुमति नहीं मिलने की बात सामने आने के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ गई।इसके बाद ट्रक मालिकों और ड्राइवरों ने PWD कार्यालय के सामने सर्विस रोड पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और समाधान के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।
तीन साल से बंद खदानों के कारण रोजगार प्रभावित
संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2023 में प्रवर्तन निदेशालय की जांच और संबंधित कार्रवाई के बाद राज्य की सरकारी रेत खदानों का संचालन बंद हो गया था। इससे रेत परिवहन से जुड़े हजारों वाहनों और उनके मालिकों के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं।एसोसिएशन का दावा है कि राज्य में लगभग 55 हजार ट्रक रेत परिवहन के कारोबार से जुड़े रहे हैं। खदानों के बंद रहने से ट्रक मालिकों के अलावा ड्राइवरों और सहायकों की आजीविका भी प्रभावित हुई है।
पहले भी सरकार को दी थी चेतावनी
तमिलनाडु सैंड लॉरी ओनर्स एसोसिएशन ने इससे पहले सरकार से 14 अक्टूबर तक खदानें दोबारा खोलने की मांग की थी। संगठन ने चेतावनी दी थी कि मांग पूरी नहीं होने पर 16 अक्टूबर को तिरुचिरापल्ली स्थित PWD कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया जाएगा।संगठन का कहना है कि सरकारी खदानों का संचालन शुरू होने से रेत परिवहन कारोबार को दोबारा गति मिल सकती है। साथ ही निर्माण कार्यों के लिए रेत की उपलब्धता में भी सुधार होने की उम्मीद है।
मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। सरकार को रेत खदानों को फिर से खोलने के संबंध में ठोस निर्णय लेना चाहिए।एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित अधिकारियों की ओर से उनकी मांगों पर आधिकारिक आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रखने का उनका इरादा है।PWD कार्यालय के सामने हुए विरोध प्रदर्शन के कारण आसपास कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा। अब ट्रक मालिकों और ड्राइवरों की नजर राज्य सरकार तथा लोक निर्माण विभाग के अगले कदम पर है।