बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता: CM ने अधिकारियों को निर्देश दिया
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने राज्य की बिजली व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से कम वोल्टेज की समस्या और उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक मजबूत, स्थिर और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाने चाहिए।
यह निर्देश चेन्नई सचिवालय में आयोजित ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए। बैठक में मुख्यमंत्री विजय के साथ बिजली और विधि मंत्री आर. निर्मलकुमार तथा मुख्य सचिव एम. साईकुमार भी उपस्थित रहे। इस उच्च स्तरीय बैठक में तमिलनाडु विद्युत बोर्ड और उसकी सहायक कंपनियों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता, मौजूदा मांग और आपूर्ति की स्थिति, वित्तीय स्वास्थ्य तथा भविष्य में बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े योजनाओं पर गहन चर्चा हुई। अधिकारियों ने पावर सेक्टर की मौजूदा चुनौतियों और सुधार की संभावनाओं को लेकर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने सभी पहलुओं का बारीकी से अध्ययन करते हुए निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री विजय ने विशेष रूप से कम वोल्टेज की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यह आम जनता की दैनिक जीवन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण समस्या है, जिसे प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में वोल्टेज की समस्या अधिक है, वहां तत्काल तकनीकी सुधार और नेटवर्क अपग्रेडिंग का काम शुरू किया जाए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उपभोक्ताओं से जुड़ी शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को भी तेज और पारदर्शी बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत किया जाए ताकि लोगों को समय पर समाधान मिल सके और बिजली विभाग पर जनता का भरोसा और बढ़े।
सरकारी प्रेस रिलीज़ में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री विजय ने 10 मई को पदभार ग्रहण करने के बाद सबसे पहले 500 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना को मंजूरी दी थी। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने इस योजना के क्रियान्वयन की प्रगति की भी समीक्षा की और अधिकारियों से इसके प्रभावी कार्यान्वयन की जानकारी ली।
अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत देना और उनके मासिक बिजली खर्च को कम करना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ऐसी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र उपभोक्ता तक समय पर पहुंचना चाहिए।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग को निर्देश दिया कि राज्य की बिजली व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाए और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाए, ताकि लंबे समय तक स्थिर और सस्ती बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।