चेन्नई: AIADMK के जनरल सेक्रेटरी एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने तमिलनाडु सरकार पर डेंगू के फैलने के खिलाफ तेज़ी से कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों पर दबाव है और लोगों को तुरंत सुरक्षा की ज़रूरत है।
एक बयान में, पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा बचाव के उपाय न करने की वजह से पूरे राज्य में मामले बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में बेड भर रहे हैं और इलाज की सुविधाओं तथा मच्छर नियंत्रण के काम को तुरंत बढ़ाने की मांग की।
हेल्थ डिपार्टमेंट के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 21 सितंबर तक तमिलनाडु में डेंगू के 17,348 और स्क्रब टाइफस के 4,653 मामले दर्ज किए गए। उनके बयान में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, अकेले 21 सितंबर को डेंगू के 71 मामलों की पुष्टि हुई।
पलानीस्वामी ने कहा कि सरकार ने डेंगू के बारे में जनता और मीडिया की चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया। उन्होंने सरकार पर अन्ना यूनिवर्सिटी के एक छात्र की मौत के बाद, छात्र को कथित तौर पर हुए स्क्रब टाइफस संक्रमण पर ध्यान केंद्रित करके लोगों का ध्यान पब्लिक हेल्थ से जुड़ी चिंताओं से हटाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने डेंगू को रोकने के उपायों पर पब्लिक हेल्थ डायरेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में शामिल न होने के लिए राज्य के हेल्थ मिनिस्टर अरुणराज की आलोचना की। पलानीस्वामी ने कहा कि पब्लिक अवेयरनेस वीडियो ज़मीनी स्तर पर की जाने वाली कार्रवाई का विकल्प नहीं हो सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री चुनाव प्रचार पर ध्यान दे रहे थे।
AIADMK नेता ने मंत्री के इस दावे को गलत बताया कि डेंगू के मामले पिछले सालों की तुलना में कम हैं।
उन्होंने कहा कि सितंबर के शुरुआती 20 दिनों की तुलना में संक्रमण तेज़ी से बढ़ा है और मंत्री पर गुमराह करने वाली तस्वीर पेश करने के लिए दूसरे समय के आंकड़ों पर निर्भर रहने का आरोप लगाया।
पलानीस्वामी ने सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा कि डेंगू से भर्ती मरीज़ों को समय पर इलाज मिले और अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं, बेड और डॉक्टर हों। उन्होंने मच्छरों के पनपने वाली जगहों की पहचान करने और उन्हें खत्म करने के लिए हर गली में बार-बार मेडिकल कैंप लगाने और घर-घर जाकर जांच करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पिछली AIADMK सरकारों के दौरान मच्छर नियंत्रण और साफ़-सफ़ाई का काम जल्दी शुरू किया गया था, जिससे संक्रमण और मौतों को रोकने में मदद मिली थी। उन्होंने कहा कि सरकार को अब इमरजेंसी के तौर पर अपनी कार्रवाई तेज़ करनी चाहिए, ताकि संक्रमण को रोका जा सके और लोगों की चिंता को दूर किया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों से फील्ड टीमों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करने को भी कहा ताकि वे इलाकों का निरीक्षण कर सकें और मच्छरों के पनपने वाली जगहों को खत्म कर सकें।