चेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने सोमवार को वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हार्वेस्टिंग) के लिए दिशानिर्देशों को मंजूरी दी। इसमें सभी विभागों, जिला कलेक्टरों और स्थानीय निकायों को निर्देश दिया गया है कि वे पूरे राज्य में वर्षा जल संचयन ढांचे का निर्माण, जीर्णोद्धार और रखरखाव करें। यह काम तुरंत प्रभाव से, एक समन्वित तरीके से और तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाना है। इन दिशानिर्देशों में छतों से बहने वाले पानी को इकट्ठा करने और सतह पर बहने वाले पानी को भूजल पुनर्भरण (ग्राउंडवाटर रिचार्ज) ढांचे तक पहुंचाने के तरीके शामिल हैं।
नगर प्रशासन और जल आपूर्ति (MAWS) विभाग के 2 नवंबर के आदेश के अनुसार, विभागों को मौजूदा प्रशासनिक और वित्तीय प्रावधानों या जिला आकस्मिक योजनाओं का उपयोग करना होगा। हालांकि, इसमें काम पूरा करने की कोई अंतिम समय-सीमा तय नहीं की गई है।
'तमिलनाडु संयुक्त विकास और भवन नियम, 2019' के तहत नई इमारतों के लिए वर्षा जल संचयन पहले से ही अनिवार्य है। नए दिशानिर्देशों में अलग-अलग परिसरों, छत के क्षेत्रफल और मिट्टी की स्थिति के अनुसार उपयुक्त तरीकों का विस्तार से विवरण दिया गया है।
छत से बहने वाले पानी को फिल्टर करके संचय टैंकों (समप) में जमा किया जा सकता है, जबकि अतिरिक्त पानी को सोखने वाले गड्ढों (परकोलेशन पिट्स), कुओं और बेकार पड़े बोरवेल के जरिए भूजल में पहुंचाया जा सकता है। अलग-अलग घरों, अपार्टमेंट, उद्योगों और संस्थानों के लिए अलग-अलग तरीके बताए गए हैं।