चेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने तमिलनाडु विधान सभा यात्रा भत्ता नियम, 1955 में संशोधन करके मंत्रियों और विधायकों और कुछ विधानसभा पदाधिकारियों के लिए कारों की खरीद की सीमा तय कर दी है।
1 अक्टूबर को अधिसूचित संशोधनों के अनुसार, स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, विपक्ष के नेता और मुख्य सरकारी सचेतक के लिए कारों की खरीद की सीमा `26 लाख होगी, जबकि अन्य सभी विधायकों के लिए यह `15 लाख होगी।
सीमा में वाहन की एक्स-शोरूम कीमत, कर, पंजीकरण शुल्क और मोटर वाहन बीमा प्रीमियम शामिल हैं। नियम निर्धारित करते हैं कि सभी वाहनों को बीएस-VI उत्सर्जन मानदंडों का पालन करना होगा और सरकार के GeM पोर्टल के माध्यम से खरीदा जाना चाहिए।
सरकार मंत्रियों के वाहनों के रखरखाव, मरम्मत, ईंधन और ड्राइवरों पर होने वाले खर्च को वहन करेगी, जबकि विधानसभा सचिवालय विधानसभा के चार वरिष्ठ पदाधिकारियों के लिए ये खर्च वहन करेगा। अन्य विधायकों को यह खर्च उन्हें मिलने वाले वाहन भत्ते से वहन करना होगा।
नियम यह भी निर्दिष्ट करते हैं कि मृत्यु, कार्यकाल पूरा होने, निष्कासन, इस्तीफा या अयोग्यता के कारण कार्यालय खाली करने पर वाहनों को संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया जाना चाहिए।
विधायकों को कार उपलब्ध कराने का मुद्दा विधानसभा में तब उठा जब वीसीके विधायक एलई जोथिमनी ने विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों में यात्रा करने में आने वाली कठिनाइयों पर प्रकाश डाला।
19 अगस्त को, मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने घोषणा की कि सरकार सभी 234 विधायकों को निर्वाचन क्षेत्र के दौरे, शिकायत निवारण और सरकारी योजनाओं की निगरानी की सुविधा के लिए आधिकारिक वाहन प्रदान करेगी। उन्होंने ईंधन, रखरखाव और ड्राइवर खर्च के लिए `75,000 और एक सहायक के लिए `25,000 का मासिक भत्ता देने की भी घोषणा की।